जालोर के सायला तहसील के गांवों में बालोतरा से धुलाई के लिए लाए जाने वाले कपड़ों से जुड़ी गतिविधियों पर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने सख्ती शुरू कर दी है। मंगलवार को तालियाना और पूनावास गांव में कार्रवाई करते हुए कपड़े सुखाने के लिए बनाए गए अडाण और अपशिष्ट पानी एकत्रित करने के लिए बनाने गए टैंक को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई प्रदूषण नियंत्रण मंडल और राजस्व विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से की। क्षेत्रीय कार्यालय राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल सिरोही को 28 अगस्त 2026 शिकायत मिली थी। इसमें बताया गया था कि बालोतरा स्थित इकाइयों से कपड़ा धुलाई के लिए सायला तहसील के विभिन्न गांवों में लाया जा रहा है। कपड़ों की धुलाई के बाद निकलने वाले पानी को आसपास तालाब नुमा गड्ढों और टैंक में इकठ्ठा किया जा रहा है। शिकायत में आशंका जताई गई कि यह अपशिष्ट पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसने से भूमि की उर्वरता और कृषि योग्य जमीन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जांच और कार्रवाई शुरू की। राजस्व विभाग के साथ पहुंची टीम क्षेत्रीय अधिकारी विनय कट्टा के निर्देशन में 1 सितंबर को प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम राजस्व विभाग सायला के साथ मौके पर पहुंची। सहायक पर्यावरण अभियंता शंकर लाल बिश्नोई के नेतृत्व में टीम ने तालियाना और पूनावास गांव में निरीक्षण किया। इसके बाद कपड़े सुखाने के लिए बनाए गए अडाण और अपशिष्ट पानी एकत्रित करने के लिए बनाई गई टैंक को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई। अन्य इकाइयों की भी होगी जांच प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों के अनुसार मामले में अग्रिम कार्रवाई जारी है। सायला क्षेत्र में अन्य स्थानों पर संचालित ऐसी गतिविधियों और अपशिष्ट जल के निस्तारण की स्थिति की भी जांच की जा रही है। पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।