श्रीगंगानगर नगर परिषद चुनाव से पहले भाजपा ने डैमेज कंट्रोल के प्रयास तेज कर दिए हैं। बगावती तेवर अपना चुके अशोक चांडक के साथ पार्टी ने सुलह कर ली है। वरिष्ठ नेताओं की दखलंदाजी से शनिवार को अशोक चांडक और विधायक जयदीप बिहाणी को एक प्लेटफॉर्म पर लाया गया। देर शाम भाजपा जिला कार्यालय में दोनों नेताओं सहित अन्य पदाधिकारियों ने हाथ मिलाकर एकजुट होने का संदेश दिया। हालांकि वार्ड स्तर पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे चांडक समर्थक अभी तक बैकफुट पर नहीं आए हैं। चांडक की ओर से 22 समर्थकों को टिकट देने की मांग की गई है, जबकि उनके 25 से ज्यादा वार्ड स्तरीय नेता चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। इसे भाजपा के लिए चुनौती माना जा रहा है। सीपी जोशी ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर कांग्रेस छोड़ चुके अशोक चांडक और उनकी पत्नी पूर्व सभापति करुणा चांडक लोकसभा चुनाव के दौरान सीपी जोशी के प्रदेशाध्यक्ष काल में भाजपा में शामिल हुए थे। शनिवार सुबह चांडक आवास पर विधायक जयदीप बिहाणी के भाई मधुसूदन बिहाणी, चुनाव प्रभारी रामगोपाल सुथार और अन्य नेताओं ने वार्ता की। शाम को चांडक भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने विधायक जयदीप बिहाणी, जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह, चुनाव प्रभारी रामगोपाल सुथार और जिला प्रभारी दशरथ सिंह शेखावत से हाथ मिलाया और फोटो सेशन करवाया। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने दोनों नेताओं को एक मंच पर लाने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। कांग्रेस में भी सुलह के प्रयास दूसरी ओर कांग्रेस में पूर्व विधायक राजकुमार गौड़ और पूर्व जिलाध्यक्ष अंकुर मगलानी के बीच चल रही खींचतान खत्म करने के प्रयास रविवार को हो सकते हैं। कांग्रेस जिला प्रभारी और प्रदेश महासचिव जियाउर रहमान आरिफ दोनों नेताओं से चर्चा करेंगे। गौड़ और मगलानी के नजदीकी समर्थकों ने वार्डों में प्रचार के लिए लगाए बैनरों पर अपने नेताओं की तस्वीरें छपवा रखी हैं। इनमें कांग्रेस का चुनाव चिन्ह गायब है। इसे टिकट नहीं मिलने पर बागी होकर चुनाव लड़ने का संकेत माना जा रहा है। जियाउर रहमान आरिफ का कहना है कि कांग्रेस सभी को साथ लेकर चलेगी।