श्रीगंगानगर में मैदा बनाने वाली कंपनी से करीब 54 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि गुजरात और महाराष्ट्र के कारोबारियों ने खुद को एक ही बिजनेस ग्रुप से जुड़ा बताकर 2025-26 में करीब 11 हजार क्विंटल मैदा खरीदा। शुरुआत में समय पर भुगतान करने के बाद फरवरी 2026 से भुगतान रोक दिया गया। करीब 65 लाख रुपए बकाया होने पर 11 लाख रुपए RTGS से दिए गए, लेकिन बाकी रकम नहीं चुकाई गई। चूनावढ़ थाना पुलिस ने सात नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पढ़िए … क्या है पूरा मामला मोबाइल पर संपर्क कर बल्क में मैदा खरीदने की बात कही मंगला एग्रो फूड्स (नेतेवाला) के पार्टनर विलास मंगला ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उनकी फर्म 2023-24 में शुरू हुई थी। जुलाई 2025 में मोबाइल नंबर 98258-20016 से विनोद बरोट नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया। उसने खुद को कई प्रतिष्ठानों का संचालन करने वाला बताया और बल्क में मैदा खरीदने की बात कही। पहले ऑर्डर में दो ट्रक राधे कृष्णा एंटरप्राइजेज, अहमदाबाद और एक ट्रक वीएम सोमया, राजकोट के नाम पर बुक किए गए। बाद में एक ऑर्डर पोयम एंटरप्राइजेज के नाम पर बदल दिया गया। विनोद बरोट ने राधे कृष्णा एंटरप्राइजेज, पोयम एंटरप्राइजेज, खुशी कॉर्पोरेशन, VSHJ इंडस्ट्रियल (नासिक), ग्वालियर एडिबल्स, नील्योग एग्रो प्रोडक्ट्स, डुग्गु एग्रो एंड फूड और रतनकांत एग्रो इंडस्ट्रीज समेत कई फर्मों के नाम बताए। उसने दावा किया कि ये सभी फर्म एक ही बिजनेस ग्रुप की हैं। 11 हजार क्विंटल मैदा सप्लाई, शुरुआत में समय पर हुआ भुगतान रिपोर्ट के अनुसार, इन फर्मों को 2025-26 में करीब 11 हजार क्विंटल मैदा सप्लाई किया गया। शुरुआत में सभी फर्मों की ओर से समय पर भुगतान होता रहा। इससे कंपनी का कारोबारियों पर भरोसा बढ़ गया और लगातार मैदा सप्लाई किया जाता रहा। ऑर्डर बंद हुए तो 65 लाख रुपए बकाया हो गए फरवरी 2026 से अचानक ऑर्डर बंद हो गए। उस समय कंपनी का करीब 65 लाख रुपए का भुगतान बकाया था। विलास मंगला ने जब भुगतान के लिए संपर्क किया तो विनोद बरोट ने उन्हें आश्वासन दिया। मई 2026 में उसने विलास मंगला को अहमदाबाद बुलाया और वहां से मुंबई ले जाकर वाशी स्थित ऑफिस में मीटिंग करवाई। मीटिंग में प्रशांत निखारजे, विवेक हरीशचंद्र जाधव, जुनैद खान, रामयज्ञ रामकरण मिश्रा, गौरीधर, केतन बरोट समेत अन्य लोग मौजूद थे। इस दौरान कंपनी को RTGS के जरिए 11 लाख रुपए का भुगतान किया गया और बाकी रकम जल्द देने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद कोई और भुगतान नहीं किया गया। तीन महीने पुराना मैदा भी बिना सहमति वापस भेजा आरोप है कि इसके उलट VSHJ इंडस्ट्रियल की ओर से करीब तीन महीने पुराना मैदा कंपनी की सहमति के बिना वापस भेज दिया गया। इसके बाद श्रीगंगानगर की कंपनी ने अपने कर्मचारी जयपाल को भुगतान के संबंध में जानकारी लेने अहमदाबाद और मुंबई भेजा। कर्मचारियों के पहुंचने पर एक-दूसरे को जानने से किया इनकार वहां जयपाल की विनोद बरोट और प्रशांत से बात हुई तो दोनों ने एक-दूसरे को नहीं जानने की बात कही। बाकी लोगों ने भी विनोद या प्रशांत को जानने से इनकार कर दिया और कंपनी का भुगतान करने से मना कर दिया। इसके बाद विनोद बरोट ने कथित तौर पर खुद कहा कि सभी ने मिलकर धोखा किया है और उसका इन लोगों के साथ कोई सीधा कारोबार नहीं है। वहीं, प्रशांत निखारजे ने भी रात में फोन पर कहा कि धोखाधड़ी होनी थी, जो हो गई और अब पैसे नहीं देने हैं। सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज, जांच शुरू इसके बाद विलास मंगला ने विनोद बरोट, प्रशांत निखारजे, विवेक हरीशचंद्र जाधव, जुनैद खान, गौरीधर, केतन बरोट और रामयज्ञ रामकरण मिश्रा के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दी। चूनावढ़ थाना पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह कर रहे हैं।