गोपालन निदेशालय ने प्रदेश की सभी पंजीकृत गौशालाओं की वैधानिक स्थिति, कार्यकारिणी तथा उपलब्ध भूमि विवरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। निदेशालय के आदेश के अनुसार, राज्य की सभी पंजीकृत गौशालाओं की सामान्य जानकारी एवं भूमि संबंधी दस्तावेज गोपालन वेब एप्लीकेशन पर अनिवार्य रूप से अपडेट करने होंगे। प्रदेश के सभी जिलों को तेजी से एक्शन लेने को कहा है। गोपालन वेब एप्लीकेशन से अमान्य, कागजी या फर्जी रूप से संचालित गौशालाओं की पहचान आसान होगी और गैर-कानूनी संचालन पर लगाम लगेगी।गौशाला की वास्तविक भूमि का सटीक भौतिक व कानूनी सत्यापन होने से भूमि संबंधी विवादों का समाधान होगा। ये दस्तावेज अपलोड करने होंगे: बेसिक डिटेल एवं वैधानिक दस्तावेज, पंजीयन प्रमाण-पत्र, मान्यता व नियमावली, कार्यकारिणी विवरण, भूमि संबंधी अभिलेख, स्पष्ट नजरी नक्शा जिसमें खसरा संख्या एवं भूमि का सटीक माप अंकित हो, गौशाला परिसर के नवीनतम एवं स्पष्ट फोटो। गलत कॉलम में अपलोड दस्तावेज में होगा सुधार: निदेशालय ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गौशालाओं से दस्तावेज प्राप्त कर उनका समुचित परीक्षण किया जाए। यदि पूर्व में त्रुटिवश कोई दस्तावेज गलत कॉलम में अपलोड हो गया है, तो उसे सही स्थान पर संशोधित किया जाए। इसके अतिरिक्त पदाधिकारियों, भूमि या अन्य विवरण में परिवर्तन होने पर उसे तत्काल पोर्टल पर अपडेट करना होगा।