अपील-लोग भीड़भाड़ में ना जाएं कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के भर्ती होने के बाद स्वाइन फ्लू को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राजस्थान में इस साल अब तक 238 लोगों को स्वाइन फ्लू ने चपेट में ले लिया। पिछले साल महज 16 केस सामने आए थे। लेकिन इस बार अकेले अगस्त ने ही पूरे साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अगस्त में कुल 147 केस आ गए। ऐसे में विभाग अलर्ट मोड पर है। 1 सितंबर को जयपुर में 13, उदयपुर में 9, दौसा, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा और अजमेर में 1-1 व्यक्ति में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। 2 सितंबर को 12 केस आए। इस साल की बात करें तो जनवरी से जुलाई तक जहां कुल 91 केस मिले थे, वहीं अकेले अगस्त में स्वाइन फ्लू के 147 मरीज सामने आ गए। यह 2026 में किसी एक महीने में सामने आए सबसे ज्यादा केस हैं। शुरुआती महीनों में मामले कम थे, लेकिन अगस्त में अचानक केस बढ़ गए। इसके बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल संस्थानों को स्क्रीनिंग, इलाज और जरूरत पड़ने पर मरीजों को रेफर करने की व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश जारी किए। एच1एन1 वायरस में किसी अधिक घातक स्ट्रेन के प्रसार की पुष्टि नहीं
स्वाइन फ्लू के लगातार बढ़ते केस देखते हुए एसएमएस हॉस्पिटल में विशेष तैयारियां की गई हैं। प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि जांच किट से लेकर टेमीफ्लू और अन्य दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक है। आईसीयू और 10 वेंटिलेटर हैं। पूरी मॉनिटरिंग के लिए कमेटी बनाई गई है। पैनिक होने जैसी स्थिति नहीं है। बस थोड़ी सी सावधानी रखने की जरूरत है। लोग भीड़भाड़ में ना जाएं। लक्षण मिलते ही स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सावधानी जरूरी
विभाग का कहना है कि एच1एन1 वायरस के किसी नए या अधिक घातक स्ट्रेन के प्रसार की पुष्टि नहीं हुई है। आईसीएमआर के अनुसार वर्तमान में प्रचलित एच1एन1 वायरस पहले से ही सक्रिय है। इसलिए आमजन को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
लक्षण : बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान जैसे सामान्य लक्षण हैं। वर्ष 2024 में स्वाइन फ्लू के सबसे अधिक मरीज आए थे
सात साल के आंकड़े देखें तो 2024 में स्वाइन फ्लू का सबसे ज्यादा असर था। उस साल 10,813 लोगों की स्क्रीनिंग में 1149 पॉजिटिव मिले थे । 12 की मौत हुई थी। 2025 में संक्रमण में गिरावट आई और 4808 सैंपल में सिर्फ 16 मरीज पॉजिटिव मिले। इससे पहले 2022 में 3304 सैंपल में 365 मरीज पॉजिटिव मिले थे और 11 मौतें हुई थीं। 2023 में 5625 सैंपल में 127 पॉजिटिव मिले। कुछ राज्यों, विशेषकर दिल्ली में एच1एन1 स्वाइन फ्लू के मामलों में वृद्धि को देखते हुए प्रदेश की स्थिति पर निगरानी रख रहा है। संस्थानों को मरीजों की जांच, उपचार और आवश्यकता पड़ने पर रेफरल की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।’ -गजेंद्र सिंह खींवसर, चिकित्सा मंत्री स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या देखते हुए एसएमएस में दवाइयां, जांच किट, आईसीयू व अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। बुखार-जुकाम, सांस में तकलीफ जैसे लक्षण होने पर भीड़भाड़ में जाने से बचें। पॉजिटिव आने के बाद आइसोलेट करना जरूरी है।’ -डॉ. दीपक माहेश्वरी, प्रिंसिपल, एसएमएस