जिले में दो दिन से मानसून की सक्रियता का असर अब बीसलपुर बांध के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। बांध में एक सेमी पानी की बढ़ोतरी हुई है। गत दिनों बांध का गेज 314.7 आरएल मीटर था, जो शुक्रवार सुबह बढ़कर 314.8 आरएल मीटर पहुंच गया। त्रिवेणी पर पानी का स्तर 2.30 मीटर चल रहा है। जिससे बांध में पानी की आवक हो रही है। हालांकि बांध की पूर्ण भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है। इस मानसून सीजन में बीसलपुर का जलस्तर एक समय 314.10 आरएल मीटर तक पहुंचा था। इसके बाद मानसून की सक्रियता कमजोर होने से बांध में पानी की आवक प्रभावित हुई और जलस्तर में गिरावट आने लगी। सितंबर की शुरुआत में भी बांध का स्तर घटकर करीब 314.07 आरएल मीटर तक पहुंच गया था। अब पिछले दो दिनों में बारिश के बाद फिर मामूली बढ़ोतरी दर्ज हुई है। सिंचाई विभाग के जिले में स्थित 30 बांधों में शुक्रवार सुबह 8 बजे तक कुल 68.17 प्रतिशत पानी उपलब्ध था। सहोदरा, ठिकरिया, भानपुरा, मानसागर और अरनिया बांध शत-प्रतिशत भर चुके हैं। माशी बांध में भी 94 प्रतिशत से अधिक पानी है। इसके बावजूद पिछले साल की तुलना में इस समय जिले के बांधों में पानी कम है। गत वर्ष इस अवधि तक अधिकांश बांध भर चुके थे, जबकि इस बार मानसून की सुस्ती के कारण जलभराव अपेक्षाकृत कम रहा। गुरुवार रात जिले के अधिकांश हिस्सों में बारिश हुई। शुक्रवार सुबह तक गलवा में 35 मिमी, गलवानिया में 35, निवाई में 33, मासी बांध पर 5, ठिकरिया में 25, टोंक में 12, लांबाहरिसिंह, टोडा व पीपलू में 2-2, पनवाड़ में 2 तथा मालपुरा में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम की यह सक्रियता फिलहाल बांधों के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन बीसलपुर में अच्छी बढ़ोतरी के लिए कैचमेंट में लगातार बारिश की जरूरत बनी हुई है।