उदयपुर में यूथ कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. दिव्यानी कटारा और पूर्व मंत्री स्व. खेमराज कटारा के बेटे विवेक कटारा के बीच फोन पर बहस हो गई। इनकी बातचीत का ऑडियो सामने आया है। ऑडियो में महिला नेता को कटारा ने कहा कि कहा- तुम किस हैसियत से वार्डों में जा रही हो। वहीं महिला नेता ने कहा- चुनाव में उदयपुर ग्रामीण और उदयपुर शहर दोनों विधानसभा में लगी हुई हूं। मेरे खून में कांग्रेस है। अब यह ऑडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। विवेक कटारा उदयपुर ग्रामीण विधानसभा से कांग्रेस के दो बार प्रत्याशी रहे और यहां से उनकी मां सज्जन कटारा विधायक भी रह चुकी हैं। ऑडियो में विवेक कटारा कथित तौर पर दिव्यानी से कहते हैं कि उदयपुर ग्रामीण विधानसभा उनका घर है। इस पर डॉ. दिव्यानी कटारा जवाब देती है कि यह उनका भी घर है, जन्मभूमि है। इसके बाद विवेक कहते हैं कि तुम्हारा घर तो डूंगरपुर है, तो दिव्यानी कहती है ये मेरी जन्मभूमि है। संगठनात्मक स्तर पर कार्रवाई की चेतावनी दी ऑडियो में बातचीत के दौरान दोनों के बीच तीखी बहस भी होती है। डॉ. दिव्यानी कटारा का कहना है कि इस बातचीत में विवेक कटारा संगठनात्मक स्तर पर कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं, जबकि मैंने उनसे कहा कि मैं संगठन का ही काम कर रही हूं। बातचीत में विवेक कटारा ने आगे कहा कि यह सब करना है तो अशोक गहलोत के वहां प्रचार करो, गोगुंदा में काम करो, इस पर दिव्यानी ने कहा कि गहलोत साहब को बीच में क्यों ला रहे हैं, मैंने हर समय आपका सम्मान किया है। ऑडियो में डॉ. दिव्यानी कटारा कहती सुनाई देती हैं कि कांग्रेस एक संगठन है और यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस और मुख्य कांग्रेस सभी कांग्रेस का ही हिस्सा है। वे संगठन के लिए काम करते रहने की बात भी कहती है। दिव्यानी- आप मुझे धमका कर कांग्रेस से निकलवा देंगे दैनिक भास्कर से दिव्यानी कटारा ने बताया- मुझे कहा गया उदयपुर ग्रामीण विधानसभा में मेहनत क्यों कर रही हो, हम यहां 40 साल से काम कर रहे हैं और तुम्हारी हैसियत क्या है, ​जैसा बोला। मुझे धमकी देते हुए बात की। ग्रामीण विधानसभा में टिकट मिलने की बात पर मैंने कहा यह आलाकमान तय करेगा। दिव्यानी ने बताया- उदयपुर ग्रामीण विधानसभा सीट किसी की बपौती नहीं है। मैंने विवेक कटारा का हर समय सम्मान किया था, लेकिन उन्होंने रात को जिस ढंग से बात की मुझे बहुत ठेस पहुंची। वे बोलीं- सारी बात शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गई है। मुझ जैसे जमीनी कार्यकर्ता को कोई धमकाए तो कैसे चलेगा, वे मुझे कांग्रेस से निकलवा देंगे क्या ऐसे बात करके। विवेक कटारा बोले- समझाने के लिए कॉल किया, क्या गलत है विवेक कटारा ने भास्कर से कहा मैंने फोन सवा ग्यारह बजे नहीं करीब दस बजे किया था। मेरा मकसद इतना था कि चुनाव में वो कहीं भी जाए तो सब पार्टी के लोगों के साथ-साथ जाए। मैंने पूछा आप अकेले क्यों जा रहे हैं, मैसेज गलत जाता है। मुझे पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर ब्लॉक अध्यक्ष तक ने कहा कि यह सब क्या चल रहा है। कोई बात होगी तो पार्टी हमसे पूछेगी विवेक ने कहा- इसी को लेकर मैंने दिव्यानी को कॉल किया था। मैंने उनको बोला कि आपको उदयपुर ग्रामीण में कोई जिम्मेदारी पार्टी ने दे रखी है, तो संगठन के लोगों के साथ जाए, अकेले क्यों जा रहे हैं। पार्टी के लोग तो एक-दूसरे से बात करेंगे और जो फीडबैक आया, उसके आधार पर मैंने कॉल कर बताया। विवेक ने कहा उदयपुर ग्रामीण विधानसभा में जिम्मेदारी हमारी है, कोई बात होगी तो पार्टी हमसे पूछेगी।