उदयपुर नगर निगम चुनाव में इस बार छात्रसंघ राजनीति में अपनी पहचान बना चुके चेहरे भी पार्षद बनने की दौड़ में हैं। इनमें कुछ मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के केंद्रीय छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं। कुछ ने कॉमर्स कॉलेज, बीएन कॉलेज और अन्य कॉलेजों की छात्र राजनीति में अपनी पहचान बनाई। इनमें कई चेहरे आगे चलकर एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस, एबीवीपी और भारतीय जनता युवा मोर्चा जैसे संगठनों से भी जुड़े। अब नगर निगम की राजनीति में अपनी पारी शुरू कर रहे हैं। कांग्रेस और बीजेपी से 15 उम्मीदवार ऐसे हैं जो छात्र राजनीति के बाद पार्षद चुनाव लड़ रहे हैं। आगे पढ़िए छात्र राजनिती के कौनसे चेहरे पार्षद चुनाव लड़ रहे… भाजपा के चेहरे वार्ड 75 से भाजपा के महेंद्र सिंह शेखावत छात्र राजनीति का जाना-पहचाना नाम रहे हैं। वे 1989 में MLSU छात्रसंघ अध्यक्ष रहे और एबीवीपी से चुनाव जीते थे। वे पहले नगर निगम में डिप्टी मेयर रह चुके हैं। अब वापस नगर निगम चुनाव में पार्षद पद के लिए मैदान में हैं। वार्ड 74 से भाजपा के पंकज बोराणा भी छात्र राजनीति से निकले हैं। वे 2012 में MLSU के केंद्रीय छात्रसंघ अध्यक्ष रहे थे। विश्वविद्यालय की राजनीति के बाद अब वार्ड की राजनीति में मतदाताओं के बीच पहुंच बना रहे हैं। वे भाजपा शहर जिला के महामंत्री भी हैं। वार्ड 24 से भाजपा उम्मीदवार पारस सिंघवी श्रमजीवी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके है। सिंघवी पिछले बोर्ड में डिप्टी मेयर थे। वार्ड 51 से भाजपा उम्मीदवार प्रमोद सामर भी सुखाड़िया विवि में छात्रसंघ चुनाव में महासचिव बने, सामर के समय महेंद्र सिंह शेखावत अध्यक्ष थे। वार्ड 1 से भाजपा के दीपक शर्मा ने भी छात्र राजनीति में अपनी पहचान बनाई। वे तब एबीवीपी से हटकर MLSU छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव छात्र संघर्ष समिति (CSS) की ओर से लड़े। वार्ड 33 से भाजपा के जतिन श्रीमाली भी छात्र राजनीति से जुड़े रहे हैं। वे साल 2000 के आसपास कॉमर्स कॉलेज की छात्र राजनीति में सक्रिय हुए और बाद में स्वदेशी जागरण मंच से भी जुड़े। वार्ड 29 से भाजपा के वैभव भंडारी लंबे समय से युवा राजनीति से जुड़े रहे हैं। वे 2007 से भारतीय जनता युवा मोर्चा में सक्रिय रहे हैं। संगठन में काम करने का अनुभव अब चुनावी मैदान में उनके साथ है।
कांग्रेस के चेहरे वार्ड 14 से कांग्रेस के सिद्धार्थ सोनी ने छात्र राजनीति में मोहनलाल सुखाड़िया केंद्रीय छात्रसंघ चुनाव में महासचिव पद की जिम्मेदारी संभाली है। वार्ड 5 से कांग्रेस के रवि सुखवाल भी छात्र और युवा राजनीति से निकले हैं। वे कॉमर्स कॉलेज के अध्यक्ष रह चुके हैं। शहर विधानसभा क्षेत्र में यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वार्ड 64 से कांग्रेस के जोगेंद्र सिंह ने छात्र राजनीति में दोहरी भूमिका निभाई। वे बीएन कॉलेज के अध्यक्ष रहने के साथ एनएसयूआई के अध्यक्ष भी रहे हैं। वार्ड 53 से कांग्रेस के मनोज भराड़िया ने भी छात्र राजनीति में कदम रखा था। वे 2002 में राजकीय महाविद्यालय, निम्बाहेड़ा के उपाध्यक्ष रहे थे। वार्ड 2 से कांग्रेस के हर्षवर्धन केलावत युवा कांग्रेस से जुड़े हैं। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। छात्र-युवा राजनीति के अनुभव के साथ वे अब सीधे नगर निगम चुनाव के मैदान में हैं। वार्ड 6 से कांग्रेस के अजीत चौधरी यूथ कांग्रेस में महासचिव रह चुके हैं। संगठनात्मक राजनीति के बाद अब वे पार्षद का चुनाव लड़ रहे हैं। वार्ड 51 से कांग्रेस के गजेंद्र सिंह शक्तावत का भी छात्र राजनीति से जुड़ाव रहा है। वार्ड 54 से कांग्रेस के अमित श्रीवास्तव यूथ कांग्रेस में पदाधिकारी रहे हैं। युवा संगठन के अनुभव के साथ चुनावी मैदान में हैं।