उदयपुर नगर निगम के प्रत्याशियों के नामांकन-पत्रों की जांच पूरी हो गई है। यहां 74 नामांकन निरस्त हुए है, जिसमें एक भी पार्टी का प्रत्याशी नहीं है। स्क्रूटनी होने के बाद सभी वार्डों की सूची के कंपाइल का काम मंगलवार रात 11 बजे तक चलता रहा। बीजेपी-कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आज पार्टी के सामने चुनौती बन रहे बागियों को समझाने उनके घर और चुनाव कार्यालय पहुंच रहे हैं। प्रत्याशियों को पार्टी हित में नुकसान नहीं करने और भविष्य में दोबारा मौका दिलवाने का भरोसा दिया जा रहा है। वहीं दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों ने अपने-अपने वार्डों में प्रचार भी शुरू कर दिया है। ज्यादातर वार्डों में प्रत्याशियों ने अपने चुनाव कार्यालय भी शुरू कर दिए है। 27 अगस्त से 31 अगस्त तक जिले में कुल 845 प्रत्याशियों ने 931 पर्चे दाखिल किए। नाम वापसी की अंतिम तिथि 3 सितम्बर दोपहर 3 बजे तक रहेगी। कांग्रेस के 22 और बीजेपी का एक बागी चुनावी मैदान में नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण के बाद BJP और कांग्रेस दोनों के सामने बागियों की चुनौती है। कांग्रेस के 22 बागी चुनावी मैदान में हैं, जिन्हें मनाने के लिए पार्टी में डैमेज कंट्रोल की कोशिश जारी है। सीधे तौर पर भाजपा का एक बागी चुनावी मैदान में है। जबकि राजनीतिक गलियारों में भाजपा के तीन बागियों के चुनाव लड़ने की चर्चा है। इससे पहले कल वार्ड नंबर 76 की बीजेपी प्रत्याशी कविता जोशी के नामांकन को लेकर काफी देर तक बहस चली। उनके MPUAT में गेस्ट फेकल्टी जॉब को कांग्रेस ने लाभ का पद बताया था।निगम के 80 वार्डों के लिए कुल 333 उम्मीदवारों की ओर से 379 पर्चे भरे गए हैं। इन बागियों को मनाने पर कांग्रेस का फोकस