उदयपुर में निकाय चुनाव को लेकर टिकट दावेदारों की मशक्कत जारी है। वार्ड में पर्यवेक्षकों और पार्टी नेताओं के सामने शक्ति प्रदर्शन के बाद अब सिफारिश के लिए फोन का दौर जारी है। आगामी 2 से 3 दिनों में दोनों पार्टियों के टिकट लिस्ट के फाइनल होने की संभावना है। इसके बाद यह औपचारिक लिस्टें जारी होंगी। इस समय सबसे ज्यादा भीड़ भाजपा में वरिष्ठ नेता प्रमोद सामर, जिलाध्यक्ष गजपालसिंह राठौड़ और कांग्रेस में शहर जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ के यहां देखी जा रही है। शहर विधायक ताराचंद जैन और फूलसिंह मीणा के यहां बेहद सीमित संख्या में दावेदार गए हैं, जबकि प्रमोद सामर के यहां हर ग्रुप का व्यक्ति पहुंच रहा है। उदयपुर में बीजेपी की स्थानीय कोर कमेटी की बैठक 25 अगस्त को होगी। वहीं, दिल्ली में मौजूद सांसद मन्नालाल रावत को दावेदार फोन के जरिए साध रहे हैं, जबकि कभी प्रमुख केंद्र रही डॉ. गिरिजा व्यास के निधन से आवास पूरी तरह सूना नजर आ रहा है। उनके भाई और शहर जिलाध्यक्ष गोपाल भी इस बार अलग-थलग है। भाजपा के दावेदारों की RSS से विधायकों तक कतार, सांसद को दिनभर फोन भाजपा में मंडल अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, निकाय प्रभारी और संभाग प्रभारी से मिलने की जबरदस्त होड़ मची हुई है। जनप्रतिनिधियों में शहर विधायक ताराचंद जैन और ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा के आवास पर भी दावेदार पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां संख्या सीमित है। दूसरी ओर वरिष्ठ नेता प्रमोद सामर के यहां हर गुट और खेमे से जुड़े कार्यकर्ताओं व दावेदारों का लगातार तांता लगा हुआ है। सांसद मन्नालाल रावत इस समय दिल्ली में हैं, ऐसे में दावेदार लगातार फोन लगाकर उनसे अपनी पैरवी करवाने की जुगत में लगे हैं। इसके साथ ही दावेदार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारियों के पास उपस्थिति दर्ज कराकर उन्हें भी साधने में जुटे हैं। पूर्व में उदयपुर भाजपा के मुख्य पॉवर सेंटर रहे गुलाबचंद कटारिया के राज्यपाल बनने के बाद अब शहर के अधिकांश दावेदार शहर विधायक ताराचंद जैन के भरोसे हैं। ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा के समर्थक वरिष्ठ नेता प्रमोद सामर के आसरे जुटे हुए हैं। पार्टी जिलाध्यक्ष गजपालसिंह राठौड़ और पारस सिंघवी के यहां भी दिनभर कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा हुआ है। सिंघवी के घर के बजाय उनकी होटल पर रात 11 बजे दावेदार मिलने पहुंच रहे हैं। वहीं, कोर कमेटी में शामिल होने के कारण वरिष्ठ नेता रवीन्द्र श्रीमाली, दिनेश भट्ट, पूर्व महापौर रजनी डांगी, मांगीलाल जोशी और युधिष्ठिर कुमावत के घर भी कई दावेदार पहुंच रहे हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष रवीन्द्र श्रीमली के यहां भी सर्वाधिक लोग अपनी पैरवी के लोग पहुंचे है। कांग्रेस में विरोधी खेमे तक दस्तक, कई वरिष्ठ नेता प्रक्रिया से दूर कांग्रेस में ब्लॉक अध्यक्ष से लेकर जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक प्रत्याशियों से लगातार सिफारिशें करवाई जा रही हैं। कांग्रेस में सबसे ज्यादा शहर जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ के पास पहुंच रहे हैं। देहात जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा और उदयपुर ग्रामीण के प्रत्याशी विवेक कटारा के आवास पर दावेदारों की आवाजाही बनी हुई हैं। दावेदार केवल अपनी लॉबिंग के भरोसे न रहकर किसी भी सूरत में दूसरे गुट के नेताओं के घर और दफ्तरों तक भी दस्तक दे रहे हैं। दूसरी ओर, कभी कांग्रेस का मुख्य केंद्र रही डॉ. गिरिजा व्यास का घर उनके निधन के बाद पूरी तरह सूना पड़ा है। गिरिजा व्यास के निधन के बाद पहली बार पूर्व शहर जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा को निकाय चुनाव की प्रक्रिया से अलग रखा गया है। हालांकि उनके परिवार से बहू हिंताशी शर्मा ने दावेदारी रखी है। शहर जिलाध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ द्वारा वरिष्ठ नेता पंकज शर्मा और दिनेश श्रीमाली को किसी भी कमेटी में शामिल नहीं करने से उनके समर्थकों में भारी मायूसी देखी जा रही है। पॉवर सेंटर्स का मिजाज: यहां सबसे ज्यादा भीड़ सबसे कम भीड़ / सीमित उपस्थिति वाले ठिकाने: