7 माह तक ड्यूटी से गायब रही डीग में कार्यरत महिला पटवारी चुंकी बाई को जालोर के 7 डॉक्टरों ने 7 महीने तक प्रमाण पत्रों में बीमार रखा। चुंकी बाई पटवारी भर्ती में डमी बैठाने की शिकायत के बाद एसओजी की रडार पर थी। 7 महीनों में उसे 3 बीमारियों के 10 प्रमाण पत्र जारी किए। जिन दिनों में बीमार थी तब ना तो ओपीडी पर्ची कटी, ना लैब में जांच हुई न ही भर्ती रही। मेडिकल देने वाले डॉक्टरों में सीएमएचओ डॉ. भैराराम जाणी भी शामिल थे, जो तब सांचौर में पीएमओ थे। महिला पटवारी सितंबर 2024 से अप्रैल 2025 तक बिना बताए गायब थी। फरवरी में ड्यूटी पर पहुंची तो 10 रोग व 10 आरोग्य प्रमाण पत्र जमा करवाए। डीग कलेक्टर के आग्रह पर जालोर कलेक्टर ने सीएमएचओ डॉ. भैराराम जाणी को जांच के निर्देश दिए थे। दो मेडिकल जारी करने वाले सीएमएचओ खुद फंसने लगे तो जांच कमेटी बदल दी मामले की जांच सांचौर में कार्यरत डॉ. रमाशकंर भारती के नेतृत्व में चल रही थी। सभी डॉक्टरों को पूछताछ के लिए बुलाया पर डॉ. मांगीलाल को छोड़कर कोई नहीं आया। सीएमएचओ डॉ. भैराराम के हस्ताक्षर से भी दो मेडिकल जारी हुए थे। जब उन्हें नोटिस देकर 4 जुलाई को जबाव मांगा तो 7 जुलाई को जांच कमेटी बदल दी। इस कमेटी में डिप्टी सीएमएचओ व दो एलडीसी को शामिल कर दिया। 3 अस्पतालों ने 3 मर्ज दिए, इलाज नहीं 15 अक्टूबर 2024 से 11 नवंबर 28 दिन व 10 से 23 फरवरी 2025 तक 14 दिन का सीएचसी हाडेचा से दो रोग प्रमाण पत्र लिए। ये प्रमाण पत्र डॉ. मांगीलाल विश्नोई ने जारी किए। अस्पताल में उपचार को लेकर कोई दस्तावेज नहीं थे। जबकि 30 सितंबर से 6 अक्टूबर 2024, 7 अक्टूबर से 14 अक्टूबर व 1 अप्रैल से 6 अप्रैल 2025 तक डूंगरी पीएचसी से डॉ. रामलाल विश्नोई ने जारी किए। वहीं 13 नवंबर से 17 नवंबर 2024 तक का प्रमाण पत्र पीएचसी डावल से डॉ. प्रियंका ने जारी किया। एक मेडिकल 23 व दूसरा 36 दिन का दे दिया: सांचौर अस्पताल में कार्यरत डॉ. भंवरलाल ने भी चुंकी बाई को 18 जनवरी से 9 फरवरी 2025 और 24 फरवरी से 31 मार्च तक 36 दिन का मेडिकल जारी कर दिया। जबकि डॉ. भंवरलाल 15 दिन से अधिक का मेडिकल जारी करने में सक्षम नहीं थे। 25 फरवरी के दूसरे रोग प्रमाण पत्र में लम्बी अवधि तक अज्ञात बुखार बताया। लेकिन न ओपीडी न जांच के प्रमाण मिले। जिस दिन स्वस्थ बताया दूसरे मेडिकल में उस दिन बीमार थी वर्तमान सीएमएचओ डॉ. भैराराम (जो तत्कालीन सांचौर पीएमओ थे) ने कमेटी बनाकर दो अलग-अलग रोग प्रमाण पत्र दिए। कमेटी में तत्कालीन पीएमओ डॉ. भेराराम जाणी सहित डॉ. भूपेंद्र व डॉ. गणपतलाल शामिल थे। पहला : 18 नवंबर से 5 दिसंबर-24 तक 18 दिन तक डेंगू से बीमार बताया। आउटडोर, इंडोर और लेबोरटरी में भी एंट्री नहीं थी। दूसरा : 5 दिसंबर से 17 जनवरी-25 तक 42 दिन का स्लिप डिस्क की ​दिक्कत बताई। लेकिन एमआरआई, सीटी- स्कैन व एक्स-रे नहीं करवाया। अलग-अलग ब्लॉक के अस्पतालों से प्रमाण पत्र जारी थे। अब जांच के लिए कमेटी बनाई है। -डॉ. भैराराम,CMHO जालोर