हाड़ौती अंचल में कई दिनों की बेरूखी के बाद अब बारिश का दौर शुरू हुआ है। वहीं कोटा जिले के ग्रामीण इलाकों में तेज तो शहर में रिमझिम बारिश हो रही है। शहर में मंगलवार दोपहर से ही मौसम बदल गया था। इसके बाद देर रात भी रिमझिम बारिश होती रही। इससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। वहीं किसानों को भी उम्मीद नजर आई। कोटा के रानपुर क्षेत्र के केबल नगर में मंगलवार को आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। नीरज गुर्जर (23) घर की छत पर था। अचानक आकाशीय बिजली गिरने से वह अचेत हो गया था। अस्पताल में इलाज के दौरान नीरज को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं शहरी इलाके में बुधवार सुबह कुछ इलाकों में रिमझिम बारिश हुई। हालांकि 12 बजे बाद शहर में बारिश का दौर थम गया है। एक बार फिर उमस बढ़ी है। इधर, ग्रामीण इलाको में अच्छी बारिश का दौर चला। मंडाना, केबल नगर समेत कई इलाकों में सुबह से रह-रहकर बारिश होती रही। मौसम विभाग के अनुसार- कोटा और आसपास के इलाकों में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। जिले के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश… मौसम का दबाव सक्रिय मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार- बंगाल की खाड़ी में बना नया कम दबाव का क्षेत्र अब पूरी तरह से पूर्वी राजस्थान और हाड़ौती संभाग पर सक्रिय हो चुका है। कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट बरकरार रखा है। सुल्तानपुर में 101 MM हुई बारिश शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में मेघगर्जन के साथ रुक-रुक कर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। मंगलवार दोपहर सुल्तानपुर में 101 एमएम और कनवास में 80 एमएम बारिश के बाद, रातभर हुई नमी ने खेतों में जान फूंक दी है। बारिश से फसलों को मिला बूस्टर कृषि अधिकारियों का मानना है कि बारिश सोयाबीन, उड़द और धान की फसलों के लिए 'बूस्टर डोज' साबित होगी। इधर, गांधी सागर बांध से 4,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सीएडी (CAD) अभियंताओं के अनुसार- दाईं मुख्य नहर में 1,800 क्यूसेक और बाईं मुख्य नहर में 1,200 क्यूसेक पानी का प्रवाह जारी रखा गया है। किसानों की मांग के अनुसार आगे पानी छोड़ने पर फैसला लिया जाएगा।