एथलीटों के भविष्य के साथ एथलेटिक संघ किस तरह से खिलवाड़ करते हैं इसका एक उदाहरण जयपुर जिला एथलेटिक संघ ने पेश किया है। जयपुर में दो-दो सिंथेटिक ट्रैक हैं फिर भी जयपुर जिला एथलेटिक प्रतियोगिता का आयोजन राजस्थान यूनिवर्सिटी के मिट्टी के ट्रैक पर किया जा रहा है। बुधवार, 13 मई को इस प्रतियोगिता का आयोजन होगा। इस बारे में हमने जयपुर जिला एथलेटिक संघ के सचिव गोपाल सैनी से जब बात की तो उन्होंने कहा, ‘सिंथेटिक ट्रैक के 15 हजार रुपए मांगते हैं। इसलिए हमने स्पोर्ट्स काउंसिल से बात ही नहीं की। हमने आरयू के मिट्टी के ट्रैक पर ही कराना बेहतर समझा। यहां हमें फिजिकल के बच्चे भी मिल जाते हैं और पैसा भी नहीं लगता।’ कई जिलों में सिंथेटिक ट्रैक हैं ही नहीं। 2021 में ही तय हो गया था सिंथेटिक पर होगी राजस्थान एथलेटिक्स संघ ने 2021 में ही एजीएम में यह नियम पारित कर दिया था कि जिन जिलों में सिंथेटिक ट्रैक हैं उनमें जिला प्रतियोगिता सिंथेटिक पर ही करानी होगी ताकि एथलीटों को इंजरी से बचाया जा सके और अपना बेस्ट दे सकें। इस बारे में स्पोर्ट्स काउंसिल और राजस्थान एथलेटिक संघ से कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों ने लिखित में शिकायत भी की है। खास बात यह है कि जयपुर टीम में काफी संख्या में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी भी हिस्सा लेते हैं। वे हमेशा ही सिंथेटिक पर ही प्रैक्टिस करते हैं। भास्कर एक्सपर्ट - श्रीराम सिंह, ओलिंपियन एथलीट जयपुर में दो-दो सिंथेटिक ट्रैक हैं तो जिला एथलेटिक उन्हीं पर होनी चाहिए। स्टेट व नेशनल भी सिंथेटिक पर ही होगी। मिट्टी के ट्रैक पर कराएंगे तो एथलीटों की परफॉर्मेंस में फर्क तो आएगा व इंजरी भी हो सकती है। “जयपुर जिला एथलेटिक्स प्रतियोगिता मिट्टी के ट्रैक पर आयोजित हो रही है। इससे एथलीटों के प्रदर्शन में कमी आएगी। चोट का भी खतरा रहेगा।” -आर्यन, नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट एथलीट “मिट्टी के ट्रैक पर प्रतियोगिता आयोजित होने से चोट का तो डर रहेगा ही हमें क्वालिफिकेशन मानक भी हासिल करने में मुश्किल होगी। हम सिंथेटिक पर प्रैक्टिस करते हैं, मिट्टी पर मुश्किल होगी।” -विकास चौधरी, राष्ट्रीय पदक विजेता एथलीट “जयपुर जिला संघ द्वारा मिट्टी पर प्रतियोगिता कराए जाने की शिकायत मिली है। उनसे कहा गया है कि प्रतियोगिता सिंथेटिक ट्रैक पर ही करवाएं।” -देवनारायण गुर्जर, सचिव, राजस्थान एथलेटिक्स संघ