सांगानेरी गेट के पास संजय बाजार के पीछे एक टायर गोदाम में बुधवार दोपहर 12:30 बजे भीषण आग लग गई। धुएं का गुबार इतना गहराया कि आसपास के घरों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगो ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम पर दी। इसके बाद लाल कोठी थाना पुलिस और घाटगेट फायर स्टेशन से दमकल की 4 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गोदाम में न तो बिजली कनेक्शन और ना ही फायर एनओसी है। ऐसे में शॉर्ट-सर्किट की संभावना नहीं है। 3 मंजिला भवन में 70 बंगाली कारीगर रहते हैं आग के कारणों का पता लगा रहे हैं शटर तोड़कर बुझानी पड़ी आग घाटगेट फायर स्टेशन के चीफ फायर ऑफिसर राजेंद्र नागर ने बताया कि ​जब दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे, तो गोदाम बंद था। दमकलकर्मियों ने तुरंत गोदाम के शटर तोड़े और पानी की बौछारें शुरू कीं। हालांकि, हवा के संपर्क में आने से आग एक बार और भड़क गई, जिससे स्थिति विकट हो गई। गनीमत रही कि ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले कारीगर काम पर गए हुए थे, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। विधायक पहुंचे, स्थानीय लोगों ने जताया विरोध हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक रफीक खान मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान स्थानीय निवासियों ने रिहायशी इलाके में चल रही कॉमर्शियल गतिविधियों और गोदामों को लेकर विरोध जताया। ​​बिल्डिंग में सुरक्षा के शून्य इंतजाम; ​प्राथमिक जांच में कई चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आई हैं। गोदाम में बिजली कनेक्शन नहीं था। ऐसे में शॉर्ट सर्किट की संभावना कम है, जिससे साजिश की आशंका जताई जा रही है। पूरी बिल्डिंग में ​सुरक्षा के शून्य इंतजाम थे। बिल्डिंग में आग बुझाने का एक भी उपकरण नहीं था। ​बिल्डिंग मालिक ने फायर विभाग से कोई एनओसी सी नहीं ली थी। सुलगते सवाल... 5 साल में बेसमेंट सहित 4 मंजिला बिल्डिंग खड़ी हो गई, जिम्मेदार अनजान बने रहे