भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा कोतवाली थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर 20 लाख रुपए की कथित लूट के मामले का पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लूट की साजिश नेशनल फ्रूट कंपनी के कर्मचारी राजवीर सिंह ने भाई और दोस्त के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने मामले में कांवाखेड़ा निवासी नारायण सिंह (21) पुत्र पप्पू सिंह सांखला रावणा राजपूत तथा शिवाजी नगर, कांवाखेड़ा निवासी विशाल साहू (21) पुत्र दुर्गा लाल साहू तेली को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। वहीं मुख्य आरोपी राजवीर सिंह की भूमिका जांच के दायरे में है। पुलिस के अनुसार, शास्त्रीनगर निवासी चंद्रप्रकाश चांदवानी पुत्र हरिकिशन ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी नेशनल फ्रूट कंपनी के कर्मचारी राजवीर सिंह को पुर रोड स्थित बैंक में जमा कराने के लिए 20 लाख रुपए बैग में रखकर दिए थे। रकम लेने के बाद राजवीर पहले अपने घर खाना खाने गया। इसके बाद वह एक्टिवा से बैंक के लिए रवाना हुआ। दोपहर में सेमुमा गर्ल्स स्कूल के पीछे स्थित सड़क पर पहुंचने पर उसने बताया कि बाइक पर आए दो युवक 20 लाख रुपए से भरा बैग तथा उसका मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद उसने अपने पास मौजूद कार्यालय के दूसरे मोबाइल से कंपनी संचालक को सूचना दी। जांच और पूछताछ के दौरान पुलिस को संदेह हुआ। जांच आगे बढ़ने पर मामला कथित लूट के बजाय सुनियोजित साजिश का निकला। रकम की बरामदगी, साजिश के अन्य किरदारों की तलाश प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कंपनी कर्मचारी राजवीर सिंह ने अपने भाई नारायण सिंह और दोस्त विशाल साहू के साथ मिलकर लूट की कहानी रची थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की । पुलिस घटनाक्रम, रकम की बरामदगी और साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। नकदी बरामदगी, षड्यंत्र की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।