सांसद आदर्श ग्राम योजना में राजस्थान के गांवों में उम्मीद के मुताबिक विकास नहीं हो पाया। देशभर के ऐसे 1000 गांवों की सूची में राजस्थान का पहला गांव ही 380वें स्थान पर है। जबकि योजना के तहत पहले फेज में यहां के 80 और दूसरे फेज में 76 गांवों को इसमें शामिल किया गया था। इन गांवों में कराए गए विकास कार्यों के आधार पर रैंक तय की गई है। जिसमें चार श्रेणी में आकलन किया गया है। 100 नंबर में से अलग–अलग श्रेणी तय की गई है। 80 से ज्यादा स्कोर वाले गांवों को ग्रीन श्रेणी में रखा गया है। मगर राजस्थान का एक भी गांव इसमें शामिल नहीं है। यहां का पहला गांव 63 के स्कोर तक पहुंच पाया। इस श्रेणी में 3 गांव जगह बना पाए हैं। इनमें दो गांव रोजडी व 6वी धानूर श्रीगंगानगर जिले के व झुंझुंनू का पोसाना गांव शामिल है। इनका स्कोर 50 से 63 तक रहा है। जबकि 26 गांव 20 से 50 स्कोर तक पहुंचने वाले हैं। वहीं, दौड़ में पिछड़े 6 गांवों को रेड श्रेणी में रखा गया है। इनका स्कोर 20 से भी कम है। दूसरी ओर तेलंगाना, गुजरात और आंध्र प्रदेश के कई गांव 90 से 99 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रीन जोन में है। सर्वश्रेष्ठ गांवों की सूची में राजस्थान का पहला गांव रोजडी श्रीगंगानगर 380वें स्थान पर है। हालांकि राजस्थान के गांवों में यह पहले स्थान पर है। टॉप 100 की सूची में तेलंगाना के 50 से अधिक गांव शामिल हैं। सबसे खराब स्थिति करौली का मूंडिया, नागौर का मुगदड़ा और डूंगरपुर के बुछिया बाड़ा की है। ये गांव बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के अवसरों के मानकों पर पिछड़े हुए हैं। बुनियादी स्वच्छता, डिजिटल साक्षरता और कचरा प्रबंधन जैसे प्राथमिक स्तर के कार्यों में भी पीछे रह गए। शिक्षा और जागरूकता के केंद्र माने जाने वाले झुंझुंनूं का हाल भी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर नहीं है। झुंझुंनूं का पोसाना गांव राज्य में जरूर ऊपर है, लेकिन राष्ट्रीय रैंकिंग में इसकी स्थिति 500 से भी नीचे है। 6 ग्राम पंचायतों का स्कोर 20 से भी कम अधिकांश पंचायतें औसत श्रेणी में हैं। जबकि 6 गांव ऐसे भी हैं, जो 20 का स्कोर भी हासिल नहीं कर पाए। जैसलमेर का मोहनगढ़ 19.35, जयपुर का काजीपुरा 16.19, पाली का बिरावास 11.25, नागौर का मुगदड़ा 9.2, करौली का मूडिया 7.5 व डूंगरपुर का बूछिया बाड़ा 5.3 के स्कोर पर है। वहीं, फलोदी का होपारड़ी, श्रीगंगानगर का 22 और जेडी, बांसवाड़ा का रिमेड़ा छोटा और टोंक का दारदा हिंद गांव 30 के स्कोर तक नहीं पहुंच पाए।