बाड़मेर | बाड़मेर में सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े करीब 2500 व्यावसायिक शिक्षकों के सामने दीपावली से पहले रोजगार और आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। 20 अक्टूबर को टेंडर अवधि खत्म होने के बाद कई शिक्षकों की सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति बनी है। इसका असर बीच सत्र में विद्यार्थियों की कौशल शिक्षा पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। शिक्षकों के अनुसार प्रदेश में 21 से अधिक एजेंसियों के जरिए मानदेय भुगतान की व्यवस्था है, लेकिन लंबे समय से भुगतान नहीं हुआ। कई शिक्षकों का 6 से 14 महीने तक का मानदेय बकाया है। रक्षाबंधन पर भी कुछ शिक्षकों को भुगतान नहीं मिला था। अब दीपावली से पहले भुगतान को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। शिक्षकों का कहना है कि एजेंसियों की जवाबदेही तय नहीं की जा रही और विभाग स्तर पर भी स्पष्ट निर्णय नहीं हो रहा। प्रदेश प्रवक्ता सुरेंद्र कुमार ने कहा कि महीनों तक मानदेय रोकना और सत्र के बीच रोजगार संकट पैदा होना गंभीर है। समिति ने मांग की है कि टेंडर समाप्ति से प्रभावित शिक्षकों के रोजगार पर तत्काल फैसला हो, दीपावली से पहले बकाया मानदेय जारी किया जाए।