नगर निगम के नियम भी बुजुर्ग महिला के चेहरे की झुर्रियों जैसे हो गए हैं, हर साल एक नई परत जुड़ती जाती है, लेकिन समाधान नहीं निकलता। चांदपोल के गोविंद रावजी का रास्ता स्थित 97 वर्गगज के जर्जर मकान का पट्टा लेने के लिए बुजुर्ग कनकलता माहेश्वरी 5 साल तक निगम के चक्कर लगाती रहीं। पट्टा नहीं मिला, उलटे निगम ने 297 साल पुराने मकान को मूल हेरिटेज स्वरूप में लौटाने का फरमान जारी कर दिया। परिवार का अनुमान है कि पुराने मांडणे, पेंटिंग, झरोखे और नक्काशी बहाल करने में ही 50 से 60 लाख रुपए खर्च होंगे। निगम ने पत्रावली में मकान को 11 किमी दूर नाहरगढ़ अभयारण्य क्षेत्र से जोड़ दिया गया, जबकि गोविंदरावजी का रास्ता परकोटे में है और अभयारण्य की सीमा तथा उसका 1 किमी का ईको-सेंसिटिव बफर शहर के उत्तरी पहाड़ी क्षेत्र में है। जेडीए मानचित्र भी अभयारण्य की सीमा और 1 किमी बफर को अलग दर्शाता है। परिवार के अनुसार मकान के एक हिस्से पर दूसरे व्यक्ति के कथित कब्जे की शिकायत लेकर महिला पीएम, सीएम और राज्यपाल तक पहुंची थीं। समाधान तो नहीं मिला पत्रावली में और उलझती गईं। मरम्मत का आवेदन 20 अक्टूबर 2021 को दिया गया था। तीन साल तक फाइल अलग-अलग शाखाओं में घूमती रही। कभी भवन का नक्शा और हेरिटेज फसाड़ ड्रॉइंग मांगी गई, कभी एमआई रोड विकास योजना और ईएस-2 क्षेत्र में निर्माण प्रतिबंध का मुद्दा जोड़ा गया। 12 दिसंबर 2024 को जीर्णोद्धार की अनुमति दी गई, लेकिन शर्त के साथ कि इसे स्वामित्व या पट्टे का प्रमाण नहीं माना जाएगा। यहां फसाड़ की शर्त ही नहीं चौंकाने वाली बात यह है कि गोविंदरावजी का रास्ता की जिस गली में यह मकान है, वहां मुख्य बाजारों जैसी एकरूप हेरिटेज फसाड़ की शर्त लागू नहीं है। इसके बावजूद किशनपोल जोन ने बड़ी हवेलियों और चिह्नित हेरिटेज भवनों जैसी शर्तें इस 97 गज की गुवाड़ी पर थोप दीं। भास्कर इनसाइट - 1200 फसाड़ बदले, कार्रवाई नहीं निगम के 2019-20 के 3डी ड्रोन सर्वे में 1200 भवनों के फसाड़ बिना अनुमति बदले पाए गए थे, लेकिन व्यापक कार्रवाई नहीं हुई। तीन वर्षों में 220 पुराने भवनों को जीर्णोद्धार की अनुमति दी गई, इनमें से 140 व्यावसायिक में बदल गए। इस वर्ष भी 38 भवनों को अनुमति दी गई है। {सरकार के 2020 के हेरिटेज नियम परकोटे में चिह्नित हेरिटेज संपत्तियों, प्रीसिंक्ट और स्ट्रीट के संरक्षण के लिए बनाए गए हैं। सवाल यह है कि संबंधित मकान किस सूची, श्रेणी या स्ट्रीट में दर्ज है। हेरिटेज नियम पूरे शहर में लागू : मीणा भवन गिराऊ स्थिति में था, इसलिए जीर्णोद्धार की अनुमति दी। हेरिटेज के नियम पूरे शहर में लागू हैं। इस बार भी 38 भवनों को नोटिस जारी किए हैं। हालांकि कितने भवनों का हेरिटेज स्वरूप में जीर्णोद्धार हुआ, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है।" -पवन मीणा, उपायुक्त, किशनपोल जोन