बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन सिस्टम के असर से राजस्थान में लगातार बरसात हो रही है। इस सिस्टम का सर्वाधिक असर गुरुवार से देखने को मिलेगा। आज 11 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, बीते 24 घंटे में जयपुर, प्रतापगढ़, दौसा और अलवर में एक इंच तक बरसात हुई। मौसम विभाग के अनुसार नए सिस्टम के असर से कल 5 और 1 अगस्त को 7 जिलों के भारी बारिश हो सकती है। अगस्त के पहले सप्ताह में राजस्थान में मानसून पूरी तरह एक्टिव रहेगा। राजस्थान में बारिश की स्थिति मानसून के बड़े अपडेट्स पिछले 24 घंटे में कहां कितनी हुई बारिश: सबसे ज्यादा बारिश प्रतापगढ़ जिले में 40 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा दौसा के बांदीकुई में 36 मिमी, बैजूपाड़ा में 23 मिमी, अलवर के टहला में 20 मिमी और मालाखेड़ा में 15 मिमी बारिश हुई। वहीं बारां, भीलवाड़ा, भरतपुर, धौलपुर, झालावाड़, कोटा, टोंक और सवाई माधोपुर जिलों में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। कमजोर होकर 'डिप्रेशन' में बदला सिस्टम: जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- पूर्वी भारत के ऊपर बना 'डीप डिप्रेशन' सिस्टम कमजोर होकर 'डिप्रेशन' में तब्दील हो गया है। वर्तमान में यह सिस्टम उत्तरी ओडिशा, दक्षिणी झारखंड और उससे सटे छत्तीसगढ़ क्षेत्र के ऊपर बना हुआ है। आगामी 24 घंटों में इसके धीरे-धीरे पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ने की संभावना है। अतिभारी बारिश की आशंका: इस सिस्टम के असर से पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर और कोटा संभाग के ज्यादातर भागों में आगामी 5-6 दिन मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस दौरान अधिकांश इलाकों में मध्यम से तेज और कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। श्रीगंगानगर में पारा 40 डिग्री पार: दूसरी ओर, पश्चिमी राजस्थान के श्रीगंगानगर, बीकानेर और चूरू के आसपास तापमान अधिक होने से गर्मी व उमस का असर बरकरार है। बुधवार को श्रीगंगानगर में दिन का अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा बीकानेर में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री रहा। राजस्थान के मौसम की PHOTO… मानसून के पल-पल के अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…