फर्जी डिग्रियां बांटने के मामले में चूरू की ओपीजेएस यूनिवर्सिटी का परिसमापन करने के बाद अब राज्य सरकार ने चित्तौड़गढ़ की मेवाड़ यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई शुरू कर दी है। यूनिवर्सिटी को सबसे पहले उच्च शिक्षा विभाग ने 2015 में नोटिस दिया था, हालांकि मामला कोर्ट में चला गया था। अब संभागीय आयुक्त स्तर पर जांच पूरी होने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने नोटिस देकर 45 दिन में जवाब मांगा है। इसमें कहा है कि यूनिवर्सिटी के प्रावधानों का उल्लंघन करने और अनियमितताओं के चलते क्यों न परिसमापन आदेश जारी कर दिए जाएं? सरकार ने फर्जी डिग्रियां बांटने, कोर्स में फर्जी एडमिशन व अन्य मामलों को लेकर उदयपुर संभागीय आयुक्त के संयोजन में जांच कमेटी गठित की थी। रिपोर्ट में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। गौरतलब है कि पिछले साल जुलाई में कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीना ने भी यूनिवर्सिटी में छापा मारा था। कॉमर्स के एक छात्र को कृषि डिप्लोमा देने का मामला सामने आया था। प्रदेश में 53 निजी यूनिवर्सिटी हैं और 10 की जांच चल रही है। ये अनियमितताएं मिलीं परीक्षाओं में फर्जी डिग्रियां मिलीं; हिंदी लेक्चरर भर्ती-22 में यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्रियां मिलने पर अजमेर में केस दर्ज हुआ। डीन कौशल किशोर चंद्रुल, उपपरीक्षा नियंत्रक सुशील शर्मा पकड़े गए। कई अभ्यर्थी भी गिरफ्तार हो चुके।