महर्षि दधीचि जयंती से एक दिन पहले शुक्रवार को महर्षि दधीचि सेवा संस्थान कांकरोली की ओर से कमला नेहरू सेटेलाइट हॉस्पिटल में रक्तदान शिविर लगाया गया। इसमें चार दंपती समेत 43 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। दाधीच समाज के साथ अन्य समाजों के लोगों ने भी उत्साह से भाग लिया। शिविर की शुरुआत कांकरोली दाधीच समाज अध्यक्ष डॉ. महेशदत्त दाधीच व समाजजनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महादानी महर्षि दधीचि और दधिमति माता की पूजा-अर्चना से की। शिविर प्रभारी संजय व्यास, सतीश व्यास, नरेंद्र कुमार शर्मा और गौतम शर्मा ने आरके अस्पताल के ब्लड बैंक की टीम के सहयोग से रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच कर रक्तदान करवाया। आयोजन में मूलचंद दाधीच, सुरेश जोशी बामणिया, जमनाशंकर जोशी, जितेंद्र दाधीच, शिवप्रसाद दाधीच, शैलेष दाधीच और गजानंद दाधीच का सहयोग रहा। शिविर में रूपेश-श्वेता व्यास, विकास-चित्रा दाधीच, आकाश-वैशाली दाधीच और विनायक-दिव्या दाधीच ने दंपती के रूप में रक्तदान किया। आयोजकों ने बताया कि दंपतियों का एक साथ रक्तदान करना समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश देता है। रक्तदान करने वालों में राकेश सिंह चौहान, अनमोल शर्मा, विकास दाधीच, अमित व्यास, ध्रुवराज सिंह चुंडावत, विनायक दाधीच, अनिल लक्षकार, राकेश जोशी, रौनक दाधीच, भेरूलाल रांका, जगदीश माली, सुरेश कुमार, शुभम त्रिपाठी, शिवम व्यास, विमल आचार्य, नमन व्यास, राजेंद्र कुमार नायक, सुमित कुमार, कल्याण सिंह, शिवांशु व्यास, सुमन देवी यादव, यश्वी, विक्रम जोशी, जितेंद्र दाधीच, रवि कुशवाहा, कल्पेश जोशी, ललित व्यास, शमसुद्दीन, विमल प्रकाश दाधीच, संजय व्यास, निखिल दाधीच, परमेश्वर त्रिपाठी, गौतम शर्मा और आस्था त्रिपाठी सहित अन्य शामिल रहे। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल, सीएमएचओ डॉ. हेमंत बिंदल, ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. राजकुमार खोलिया और डॉ. भूपेश परतानी मौजूद रहे। समाज अध्यक्ष डॉ. महेशदत्त दाधीच, सचिव डॉ. मुरली मनोहर आचार्य, योगेश पी. दाधीच, दाधीच महिला मंडल अध्यक्ष गीता दाधीच, शिवप्रसाद दाधीच, हरिशंकर व्यास, जगदीश व्यास, मधुसूदन व्यास, कमल किशोर व्यास, श्याम सुंदर जोशी, प्रकाश जोशी, महेश दाधीच जोधपुरिया और बसंत दाधीच भी उपस्थित रहे। आज रुद्राभिषेक, पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रम : महर्षि दधीचि जयंती शनिवार को मुखर्जी चौराहा स्थित कुमावत समाज के नोहरे में मनाई जाएगी। कांकरोली दाधीच समाज अध्यक्ष डॉ. महेशदत्त दाधीच ने बताया कि सुबह 10 बजे शिव रुद्राभिषेक होगा। दोपहर 1 बजे महिला मंडल की ओर से मां भगवती दधिमथी मंगल पाठ होगा। दोपहर 2 बजे से महर्षि दधीचि की पूजा-अर्चना, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारितोषिक वितरण किया जाएगा। महर्षि दधीचि भारतीय पौराणिक परंपरा में त्याग और दान के प्रतीक माने जाते हैं। मान्यता है कि देवताओं और असुरों के युद्ध के समय उन्होंने अपनी अस्थियां दान कर दी थीं। उनकी अस्थियों से भगवान इंद्र के लिए वज्र बनाया गया, जिससे वृत्रासुर का वध किया गया। इसी कारण उन्हें महादानी कहा जाता है। उनकी कथा परोपकार, त्याग और दूसरों के हित के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने की प्रेरणा देती है। जयंती पर विभिन्न स्थानों पर पूजा-अर्चना के साथ रक्तदान जैसे सेवा कार्य भी आयोजित किए जाते हैं।