भास्कर न्यूज| बारां मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा सुरक्षित मातृत्व सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बारां जिले में बुधवार से पांच दिवसीय सघन गर्भवती जांच अभियान शुरू किया है। यह अभियान 19 जुलाई तक जिलेभर में संचालित किया जाएगा। जिसमें प्रत्येक गर्भवती महिला की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी), स्वास्थ्य रिकॉर्ड का सत्यापन और नियमित निगरानी सुनिश्चित होगी। सीएमएचओ डॉ. जगदीश कुशवाह ने बताया कि अभियान के दौरान जिले की सभी गर्भवती महिलाओं तक स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचेगी। प्रत्येक गर्भवती का एएनसी परीक्षण कर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही स्वास्थ्य रिकॉर्ड का मिलान कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी आवश्यक जानकारियां समय पर दर्ज हों। अभियान में हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका विशेष फॉलोअप किया जाएगा, ताकि गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार की जटिलता का समय रहते उपचार किया जा सके। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को लेकर सभी चिकित्सा संस्थानों एवं फील्ड स्टाफ को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। अभियान के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित आशा सहयोगिनी, एएनएम, सीएचओ और चिकित्सा अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने जिले की सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि वे अपने नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर निर्धारित जांच अवश्य कराएं। समय पर जांच, जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान और नियमित निगरानी से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार संभव होगा तथा सुरक्षित मातृत्व के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। अभियान के संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेशभर के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।