भास्कर न्यूज | ब्यावर सेंदड़ा क्षेत्र के पास ट्रेन में छह महीने के मासूम की तबीयत बिगड़ी। परिजन उसे रात में ही राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। मां पूरी रात अस्पताल में मृत बच्चे को कलेजे से लगाकर विलाप करती रही। सुबह स्थानीय समाजसेवी संस्था के सहयोग से मासूम का अंतिम संस्कार कराया गया। परिवार को सुरक्षित गंतव्य के लिए रवाना किया गया। बिहार के पूर्वी चंपारण की रहने वाली चंचल कुमारी देवर और भाभी के साथ ट्रेन से गांधीधाम जा रही थी। वहां उसके पति मनोज राम मजदूरी करते हैं। सेंदड़ा के पास अचानक बच्चे की हालत बिगड़ी। परिवार बदहवास हुआ। रात में ही ट्रेन से उतरकर बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचा। डॉक्टरों ने उसे मृत बताया। सुबह अस्पताल गार्ड रोशन घावरी ने वीर हिंदू आर्मी के संस्थापक पंकज वर्मा को सूचना दी। मां ने अपनी मजबूरी बताई। पंकज वर्मा ने जीआरपी पुलिस को सूचना दी। परिजनों की सहमति के बाद बिना पोस्टमार्टम शव उन्हें सौंप दिया गया। इसके बाद पंकज वर्मा और उनकी टीम शव को हिंदू सेवा मंडल के मुक्तिधाम लेकर पहुंची। वहां धार्मिक विधि-विधान और सनातन रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कराया गया। अंतिम संस्कार के बाद गौभक्त कमल सैनी और पंकज वर्मा ने परिवार की आर्थिक मदद की। गांधीधाम लौटने के लिए ट्रेन टिकट करवाई। रास्ते के खर्च के लिए नकदी की व्यवस्था की। परिजन ब्यावर से गांधीधाम के लिए रवाना हुए।