ब्यावर| आचार्यदेव विजय पूर्णचंद्र सूरीश्वर महाराज के चातुर्मास प्रवास के दौरान सोमवार को उनका पावन जन्मदिन मनाया गया। श्रावक-श्राविकाओं ने त्याग, तपस्या, जीव सेवा का संकल्प लिया। ओसवाली पंचायती नोहरे में आचार्यदेव का 66वां जन्मदिन मनाया गया। श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक तपागच्छ संघ की ओर से सभी जैन मंदिरों के पूजारियों को खाद्य सामग्री के किट भेंट किए गए। आचार्यश्री ने कहा कि जीवन में माता-पिता के संस्कार सर्वोपरि हैं। उनका जीवन बचपन से धर्म की पालना में बीता। माता-पिता की प्रेरणा से बचपन से धार्मिक संस्कार मिले। आचार्यश्री की 9 वर्ष की अल्पायु में दीक्षा हुई। संयम को 55 वर्ष पूर्ण हो गए। संघ मंत्री प्रेम कुमार मूथा ने कहा कि म.सा. का जीवन संयमित रहा। जीवन धर्ममय रहा। संतश्री ने जैन ग्रंथों के 36 हजार श्लोक कंठस्थ किए हैं। इस अवसर पर म.सा. के जीवन पर आधारित आचार्यश्री की ओर से लिखित पुस्तक का विमोचन संघ मंत्री प्रेम कुमार मुथा ने किया। दिल्ली से आए गुरूभक्त शांतिलाल, सुरेशकुमार, किशोर कुमार पोरवाल परिवार ने गुरूपूजा का चढ़ावा लिया। एक परिवार ने गुप्त रूप से गौशाला में एक ट्रक चारा भेंट किया। संगीत संचालन पवन कुमार मूथा ने किया। भजन प्रस्तुत किए। अध्यक्ष विमल शाह ने बताया कि ओसवाली पंचायती भवन में नियमित प्रवचन होंगे। श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक तपागच्छ संघ संस्थान के सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। कार्यक्रम के तहत 26 जुलाई को सुक्त मुक्तावली मूल शुद्धि प्रकरण, जम्बूकुमार चरित्र ग्रंथ बहराने का कार्यक्रम होगा। 5 ज्ञान पूजा के चढ़ावे का कार्यक्रम होगा। 28 जुलाई को पॉवर ऑफ चातुर्मास होगा। 2 अगस्त से चातुर्मास ग्रंथ प्रारंभ होगा। चातुर्मास प्रवचन प्रतिदिन सुबह 9 बजे से पंचायती नोहरा पाली बाजार में होंगे।