एक तरफ सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए बड़े आयोजन करा रही है, वहीं जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। संभाग के सबसे बड़े लोहागढ़ स्टेडियम का कुश्ती हॉल पिछले 19 दिनों से अंधेरे में है। बिजली बिल जमा नहीं होने पर 24 मार्च को बीईएसएल ने कनेक्शन काट दिया, जिससे करीब 80 पहलवान बिना पंखों व रोशनी के अभ्यास करने को मजबूर हैं। सुबह और शाम दोनों समय अभ्यास करने वाले पहलवानों को गर्मी और उमस में खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। हॉल में न तो पंखे चल रहे हैं और न ही पर्याप्त रोशनी है। जानकारी के अनुसार कुश्ती हॉल पर पिछले 7 महीने का 1.96 लाख का बिजली बिल बकाया था। इसी के चलते बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। खास बात यह है कि जिला खेलकूद प्रशिक्षण केंद्र के पास बजट होने के बावजूद भुगतान नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक बिजली बिल जमा कराने के लिए राज्य क्रीड़ा परिषद से अनुमति जरूरी है। इसके लिए कई बार सचिव को पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। अनुमति के अभाव में भुगतान फंसा हुआ है और खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है। खेलो इंडिया का आयोजन बना वजह:- पिछले साल आयोजित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के दौरान कुश्ती हॉल के मीटर से ही बिजली कनेक्शन लिया गया था। करीब 15 दिन तक चले आयोजन के कारण लगभग 1.25 लाख रुपए का अतिरिक्त बिल आया। आयोजन के बाद यह राशि जमा नहीं कराई गई, जिससे पूरा भार जिला खेलकूद प्रशिक्षण केंद्र पर आ गया। हालांकि मेजबानी के लिए केंद्र को करीब 5 लाख रुपए का बजट मिला था, लेकिन अनुमति प्रक्रिया पूरी नहीं होने से बिजली बिल जमा नहीं हो सका।