पुलिस ने कस्बे के 1200 वर्ष पुराने शीतल नाथ जैन मंदिर में हुई करोड़ों रुपए की 17 मूर्तियों की चोरी का पर्दाफाश करते हुए 72 घंटे में अंतरराज्यीय गिरोह के तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार को भी जब्त कर लिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चोरी गई 17 अष्टधातु मूर्तियों की कीमत करीब 34 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। एसपी निश्चय प्रसाद एम ने बताया कि उक्त मामले में मास्टर माइंड आरोपी नित्यानंद बासनी (76) निवासी मौजपुर, भजनपुरा (दिल्ली) सहित विनोद शर्मा उर्फ लोली पोप (49) निवासी मथुरा (यूपी) व इसराइल भटियारा (54) निवासी छाता, मथुरा (यूपी) को गिरफ्तार किया गया।। गिरफ्तार आरोपियों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें छह जुलाई तक रिमांड पर भेजने के आदेश दिए गए। एसपी ने बताया कि वारदात का मास्टरमाइंड 76 वर्षीय नित्यानंद बासनी है। वह सिर्फ 8वीं पास है, लेकिन ठीक-ठाक अंग्रेजी बोलता है। आरोपी पिछले छह वर्ष से इस मंदिर में आ-जा रहा था। वह 16 जून को धोक लगाने के बहाने मंदिर आया और मूर्तियों की सुरक्षा व गर्भगृह की पूरी रैकी कर ली। मास्टरमाइंड नित्यानंद खुद को कैंसर पीड़ित और बेहद धार्मिक व्यक्ति बताता था। वह अपने साथी इसराइल के साथ बड़े-बड़े मंदिरों में आरती, पूजा या पट खुलने-बंद होने के समय पहुंचता था, ताकि कोई शक न करे। वहां रहकर वे बेशकीमती मूर्तियों की लोकेशन देखते और फिर अपनी पूरी टीम को बुलाकर वारदात को अंजाम देकर कार से फरार हो जाते थे। एसपी ने बताया कि पुलिस ने कस्बे के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक संदिग्ध अर्टिगा कार को चिह्नित किया। आरटीओ मथुरा (यूपी) से गाड़ी के मालिक का सुराग लगाकर पुलिस टीम कोसी कलां और मथुरा पहुंची और तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। तारानगर के मुख्य बाजार स्थित 1200 वर्ष पुराने शीतलनाथ जैन मंदिर में 28 जून की रात नकबजन मंदिर के तीन गेट के तालों को कटर से काट कर अष्टधातु की 24 में से 17 मूर्तियां चोरी कर ले गए थे। अगले दिन सुबह पुजारी मंदिर आया, तो घटना का पता चला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक मूर्ति की कीमत दो करोड़ रुपए के हिसाब से 17 मूर्तियों की कीमत 34 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। चोरी का खुलासा करने पर एसपी सहित पुलिस अधिकारियों का अभिनंदन किया।