नियमित टीकाकरण सेवाओं में राजस्थान में मेवाड़ और वागड़ अंचल ने बड़ी सफलता हासिल की है। जन्म से एक वर्ष तक के मासूमों को समय पर टीके लगाकर घातक बीमारियों से सुरक्षा कवच देने के मामले में आदिवासी बहुल बांसवाड़ा जिला पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान (रैंक-1) पर रहा है। वहीं संभाग मुख्यालय उदयपुर जिले ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान (रैंक-2) हासिल किया है। भौगोलिक चुनौतियों और दुर्गम क्षेत्रों के बावजूद मिली इस उपलब्धि पर जयपुर में राज्यस्तरीय समारोह में उदयपुर के प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता को सम्मानित किया गया। सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने सफलता का श्रेय जमीनी स्तर पर जुटी एएनएम, आशा सहयोगिनियों व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दिया। टीकाकरण में प्रदेश के टॉप-5 जिले ममता कार्ड साथ ले जाना न भूलें आरसीएचओ डॉ. राकेश गुप्ता के अनुसार, सभी सरकारी सुरक्षा टीके आपके नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र और आंगनवाड़ी पर पूरी तरह मुफ्त लगाए जाते हैं। केंद्र पर जाते समय ममता कार्ड साथ ले जाना न भूलें। ये टीके स्वास्थ्य की गारंटी जन्म के समय: बीसीजी (टीबी से बचाव), ओरल पोलियो और हेपेटाइटिस-बी। डेढ़ से साढ़े तीन महीने: पेंटावैलेंट (5 बीमारियों का 1 टीका), रोटावायरस (दस्त-उल्टी से बचाव), पोलियो ड्रॉप व सुई और पीसीवी। 9 से 12 महीने: एमआर (खसरा-रूबेला), पीसीवी बूस्टर और रतौंधी से बचाव के लिए ‘विटामिन-ए’ की खुराक।