भास्कर न्यूज | टोंक पंचायत समिति टोंक की ग्राम पंचायत भरनी में सीसी रोड, नाली और अन्य निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। दरअसल मामले की जांच में निर्माण कार्य निर्धारित स्थल के बजाय अन्य स्थान पर पाया जाने के बाद 29 अप्रैल को संबंधित प्रशासक व ग्राम विकास अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया। लेकिन स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होने पर ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई और प्रशासक के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव जिला परिषद को भेजा गया है। शिकायतकर्ता एडवोकेट नंदकिशोर मीणा ने बताया कि करीब आठ करोड़ रुपए के कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है। इसमें दो मॉडल तालाब निर्माण, पक्की दीवार (बाउंड्री), सीसी रोड, श्मशान घाट निर्माण सहित अन्य कार्य प्रस्तावित थे, लेकिन आरोप है कि बिना कार्य करवाए ही भुगतान निकाल लिया गया। उन्होंने दावा किया कि मौके पर ना तो सीसी रोड बना और ना ही नाली निर्माण हुआ। उन्होंने सीसी रोड व नाली निर्माण के फर्जी कार्य की राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज कराई थी। जिसकी जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, मीणा ने बताया कि पूरी तरह से भ्रष्टाचार के इस मामले में बिना कार्य के ही भुगतान उठा लिया गया था। जबकि मौके पर किए ही नहीं गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि भरनी में बद्री मीणा के बाड़े से भुवाना बैरवा के मकान तक आम रास्ते पर सीसी रोड व नाली निर्माण कार्य में बिना कार्य निष्पादन के भुगतान कर भ्रष्टाचार करने की शिकायत गई थी। उन्होंने बताया कि कार्य में फर्जी मस्टररोल और फर्जी उपस्थिति दर्शाई गई। यहां तक कि एक ई-मित्र संचालक तक को श्रमिक के रूप में दिखा दिया गया। जबकि, वह कार्य में शामिल ही नहीं था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में करीब तीन माह पहले कलेक्टर, सीईओ और बीडीओ को भी शिकायत दी गई थी।