कार्यक्रम में दौरान मौजूद महिलाएं व संबोधित करते वक्ता। महिला किसानों ने अनुभव साझा किए। कौशल विकास और उद्यमिता से आत्मनिर्भर बनने की कहानियां सुनाईं। आजीविका गतिविधियों व उद्यम स्थापना से जुड़े अनुभव बताए। दूसरी महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। प्रतिभागी महिलाओं को कृषि विज्ञान केंद्र की बेकरी इकाई का भ्रमण कराया गया। तकनीकी बारीकियां बताई गई। लघु उद्यम की व्यावहारिक संभावनाओं से परिचित कराया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग से गुरमीत, दीपक मौजूद रहे। प्रगतिशील महिला किसान चंद्री, शांति, कुसुम सहित अन्य महिलाएं मौजूद रही। कार्यक्रम का उद्देश्य कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। भास्कर न्यूज | बाड़मेर कृषि विज्ञान केंद्र दांता में महिला किसान दिवस पर कार्यक्रम हुआ। श्योर संस्था की संयुक्त सचिव डॉ. लता कच्छवाहा मुख्य अतिथि रही। कृषि अधिकारी कपिल विशिष्ट अतिथि रहे। डॉ. लता कच्छवाहा ने महिलाओं से कहा कि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ें। अपनी क्षमता पहचानें। आत्मविश्वास के साथ आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाएं। नई तकनीक सीखें। व्यावहारिक ज्ञान अपनाएं। काम की गुणवत्ता बढ़ाएं। आजीविका के नए मौके तैयार करें। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने कहा कि कृषि के साथ आय के दूसरे रास्ते भी हैं। खाद्य प्रसंस्करण से आय बढ़ सकती है। मूल्य संवर्धन से मौके बनते हैं। लघु उद्यम से ग्रामीण महिलाएं नए अवसर तैयार कर सकती हैं। कृषि अधिकारी कपिल ने कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। महिलाओं से इनका लाभ लेने को कहा। कृषि और संबद्ध कामों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। केंद्र की विषय विशेषज्ञ गृह विज्ञान डॉ. रश्मि दुर्गापाल ने कहा कि स्थानीय कृषि उपज का मूल्य संवर्धन कर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बन सकते हैं। घरेलू आय बढ़ती है। स्वरोजगार की संभावना बढ़ती है। कार्यक्रम सहायक गृह विज्ञान रेखा दातवानी ने कृषि विज्ञान केंद्र के तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ लेने को कहा। कौशल विकास और उद्यमिता से आत्मनिर्भर बनने की कहानियां सुना