शहर के फतहपुरा चौराहे पर एक माह से बंद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ट्रैफिक सिग्नल फिर शुरू हो गया है। हालांकि यह अभी भी ट्रायल से आगे नहीं बढ़ पाया है। इसे स्थायी रूप से लागू करने पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ट्रायल को भी एक साल बीत चुका है। शहर के अन्य चौराहों पर भी एआई सिस्टम से ट्रैफिक सिग्नल चलाया जाना है। फतहपुरा चौराहे पर ही ट्रायल में एक साल बीत गया, तो दूसरे चौराहों पर एआई सिस्टम चालू करने में कितना समय लगेगा? बता दें कि गत 30 मई को शहर में तेज आंधी-बारिश के कारण सिग्नल का एलईडी टाइमर और पोल टूट गया था। तब से इसे मैन्युअल तरीके से चलाया जा रहा था। ट्रायल कर रही एजेंसी ने इसकी मरम्मत करवा दी है। स्थायी रूप से लागू करने पर कलेक्टर की कमेटी लेगी निर्णय एएसपी उमेश ओझा ने बताया कि सिस्टम को स्थायी रूप से लागू करने पर कलेक्टर की कमेटी निर्णय लेगी। चेतक और कोर्ट सर्किल पर भी इसे शुरू किया जाएगा। सुबह 9 से रात 9 बजे तक 12 घंटे ट्रैफिक को एआई सिस्टम से नियंत्रित किया जाएगा। इससे ट्रैफिक के दबाव, वाहनों की संख्या और रियल टाइम मूवमेंट से सिग्नल ऑटोमेटिक चलेगा। इससे जाम की समस्या में कमी आएगी। सिर्फ वीआईपी मूवमेंट और एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड के लिए मैनुअल ग्रीन सिग्नल दिया जाएगा। जंप सिस्टम से नहीं चल रहा: फतहपुरा चौराहे पर एआई सिग्नल का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। अभी सभी मार्गों को क्रमवार खोला जा रहा है, केवल अधिक ट्रैफिक वाले मार्ग को कुछ ज्यादा समय दिया जाता है। जबकि जंप सिस्टम के तहत ज्यादा ट्रैफिक वाले मार्ग का सिग्नल पहले और अधिक समय के लिए खुलता है। कम ट्रैफिक वाले मार्ग को बाद में मौका मिलता है। इससे अनावश्यक रुकावट और जाम कम हो सकता है।