एम्स जोधपुर में मरीजों के लिए बाहर से दवाई लाने के लिए दबाव बनाने वाले स्टाफकर्मी या लपकों पर कार्रवाई की जाएगी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद डायरेक्टर ने कहा कि हॉस्पिटल में ही तीन दवाई काउंटर है। जहां से डॉक्टर की पर्ची पर लिखी दवाई या मेडिकल उपकरण खरीदे जा सकते हैं। यदि कोई बाहर से या जबरन पसंद की दुकान से दवाई खरीदने के लिए दबाव बनाता पाया जाता है तो, उस पर एक्शन लिया जाएगा। बता दें कि पिछले कुछ समय से मरीजों के परिजनों पर बाहर से दवाई लाने का दबाव बनाने की शिकायतें मिल रही थी। एक नया दवाई काउंटर भी बनेगा डायरेक्टर गोवर्धन पूरी ने कहा कि एम्स जोधपुर में अमृत स्टोर या सेंट्रल स्टोर पर दवाइयां मिल जाती ही। जो दवाइयां वहां नहीं मिलती है, उसे ही बाहर से लेने के लिए कहा जाता है। आने वाले दिनों में एम्स के OPD गेट संख्या 3 के पास भी एक काउंटर बनाया जाएगा। जहां पर हॉस्पिटल में डॉक्टर को दिखाकर मरीज आसानी से दवाई ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि यदि कोई हॉस्पिटल का स्टॉफ बाहर दवा काउंटर या जांच केंद्र खोलकर मरीजों को वहां जाने के लिए बोलता है तो, वो गलत है। उसकी जांच करवाई जाएगी। 7 हजार मरीजों की OPD बता दें कि एम्स जोधपुर में वर्तमान में करीब 7 हजार मरीजों की OPD हो चली है। इसके अलावा एम्स को नोडल इंस्टीट्यूट बनाया गया है। यदि किसी वार्ड में मरीज को कोई दवाई की जरूरत है तो वह दवाई कौनसी है, उसकी पूरी डिटेलिंग हॉस्पिटल के रिकॉर्ड में रहती है।