नमस्कार, BJP प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को लगता है कि दिल्ली में जिन पर लाठीचार्ज हुआ, वे भाड़े के टट्‌टू थे। करौली के हिंडौनसिटी में जलभराव की समस्या का समाधान ढूंढने विधायक हरियाणा के सतलोक आश्रम पहुंच गईं और झुंझुनूं में अधिकारी टॉफी लेने में सहम गए। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. आयरनमैन-स्पाइडरमैन और भाड़े के टट्‌टू दिल्ली का नीट पेपरलीक आंदोलन अब तेल बन गया है। विपक्ष के बुझते दीपक के काम आ रहा है। मुद्दे हाईजैक हो रहे हैं और लड्‌डू की तरह अलग-अलग राज्यों में बंट रहे हैं। CJP के प्रोटेस्ट में राहुल गांधी घुसे तो सोनम वांगचुक समझ गए कि अब अनशन का मतलब नहीं। उन्होंने अनशन तोड़ दिया। इस बीच बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ एक टिप्पणी कर गए। बोले- दिल्ली की भगदड़ में जो घायल हुए उनकी जन्मपत्री हमने निकाल ली। वो छात्र ही नहीं हैं। भाड़े के टट्‌टू हैं। जिन्हें कश्मीर और बिहार से लाया गया है। जयपुर के प्रोटेस्ट में आयरनमैन, हल्क और स्पाइडरमैन नजर आ रहे हैं। ये भी भाड़े के टट्‌टू होंगे और इन्हें अमेरिका से लाया गया होगा। मदन राठौड़ ने कांग्रेस को सद्बुद्धि का पाठ पढ़ाने की बात कही तो कांग्रेस विधायक इंदिरा मीणा ने तीखी बात कही। बोलीं- मदन राठौड़ को खुद को तमीज नहीं है। डोटासरा तो चिल्ला पड़े। बोले- मदन राठौड़ से डोटासरा की तुलना? मदन राठौड़ क्या है? ‘कुछ’ नहीं। राठौड़ भी पलटवार कर बोले- तुम्हारी तरह बदजुबान नहीं हूं। आंदोलन ने सबको इतना 'बौरा' दिया कि दौसा के महवा में रैली निकाल रहे कांग्रेस के कार्यकर्ता ने नारा लगवाया- ‘नरेंद्र मोदी।’ दूसरे कार्यकर्ता फ्लो में कह गया-'जिंदाबाद।' अपनी ही मूर्खता पर सभी कार्यकर्ता हंस पड़े। 2. MLA मैडम को ट्रोल क्यों कर रहे? बारिश का सीजन है। हिंडौनसिटी में पानी भर जाता है। लोगों को परेशानी होती है। इससे पहले कि लोग समस्या लेकर विधायक अनिता जाटव के पास पहुंचतीं, उन्होंने दांव खेल दिया। हरियाणा के सोनीपत में सतलोक आश्रम पहुंच गईं। वहां जमानत पर छूटे बाबाजी की आशीर्वाद लिया। बाबाजी ने पूछा बताओ क्या समस्या है? विधायकजी ने कहा-बाबाजी क्या बताऊं, शहर में पानी भरता है। बाबाजी ने मुस्कुरा कर ‘अच्छा-अच्छा’ कहते हुए समाधान का आशीर्वाद सा दिया। इतनी सी बात पर कुछ लोग विधायक मैडम को ट्रोल कर रहे हैं। यह सरासर गलत है। ट्रोल नहीं करना चाहिए। जब मेंढक-मेंढकी का ब्याह करने से बारिश आ सकती है तो बाबाजी के चमत्कार से शहर में भरा पानी भी खुदबखुद जलनिकासी का रास्ता ढूंढ सकता है। 3. चलते-चलते.. जेन-जी भी कमाल हैं। दिल्ली में एक लड़की नेताओं की शिक्षा पर सवाल उठा रही थी। कह रही थी कि इन्हें एजुकेशन का E भी नहीं आता होगा। उससे पत्रकार ने पूछा- बताओ नीट का पूरा मतलब क्या है? लड़की आजू-बाजू देखने लगी। बोली-अभी अभी भूल गई। झुंझुनूं में भी दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ युवाओं ने रैली निकाली, विरोध प्रदर्शन किया, केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा। रचनात्मकता के नाम पर पुलिस, प्रशासन के अधिकारियों और वकीलों को खास टॉफी बांटी। यह टॉफी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आई थी। ऐसे में कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों ने टॉफी स्वीकार कर ली और कुछ ने हाथ जोड़े लिए। आंदोलन में शामिल छात्रा ने टॉफी बांटने का कारण कुछ यूं बताया- वो चाहे हम छात्रों के ऊपर कितनी भी अहिंसा करें। लेकिन हम हिंसा का साथ देते हुए आपको टॉफी खिलाएंगे। ये दिखाने के लिए कि चाहे आप कुछ भी करो हम हिंसा का साथ देंगे और अहिंसा की ओर नहीं बढ़ेंगे। छात्रा को पत्रकार ने समझाया कि हिंसा का मतलब 'वॉयलेंस' होता तब उसने शब्दों को दुरुस्त किया। इनपुट सहयोग- स्मित पालीवाल (जयपुर), राघवेंद्र गुर्जर (दौसा), इम्तियाज भाटी (झुंझुनूं)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।