अजमेर में साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत जिला पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में कृष्णगंज और भिनाय थाना पुलिस ने 4 खाताधारकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। थानाप्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि पं. बंगाल के एक कारोबारी के साथ 39.40 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी हुई थी। पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (1930) पर शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि ठगी की राशि का हिस्सा अजमेर के वैशाली नगर स्थित एसबीआई के दो खातों में ट्रांसफर हुआ। इनमें से एक खाते से 3 फरवरी 2026 को 2.24 लाख रुपए और 4 फरवरी 2026 को 1.85 लाख रुपए निकाले गए। यह खाता हरमाड़ा इंद्रा कॉलोनी निवासी जितेंद्र कुमार राणा के नाम पर है। उसके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से 8 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। आरोपी जितेंद्र फरार है, उसे तलाशा जा रहा है। इधर, भिनाय थानाप्रभारी ओमप्रकाश के मुताबिक सराना टांटोटी निवासी राजू सैनी और बसंत सैनी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी राजू के खाते में 23000 रुपए और बसंत के खाते में 1000 रुपए साइबर ठगी की राशि प्राप्त हुई थी। अखिल भारतीय आमजन पार्टी के नाम से म्यूल अकाउंट सीओ नॉर्थ शिवम जोशी ने कहा कि अजमेर में दूसरा खाता अखिल भारतीय आमजन पार्टी के नाम पर है। इस खाते के खिलाफ अलग अलग राज्यों से 13 शिकायतें दर्ज हैं। दोनों खातों का लिंक एक ही मोबाइल नंबर 9521212503 से जुड़ा हुआ है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पार्टी के नाम पर खाता किसने खुलवाया। आरोपी खाताधारक कमीशन के लालच में साइबर ठगों को खाते उपलब्ध कराते हैं। ऐसे खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है, जिनका उपयोग ठगी की रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर करने और उसे छिपाने के लिए किया जाता है। गौरतलब है कि इससे पहले भी ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत सिविल लाइंस थाना पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एआई से की जा रही संदिग्ध खातों की पहचान ऑपरेशन म्यूल हंटर देशभर में चलाया जा रहा विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य साइबर ठगी में उपयोग होने वाले म्यूल अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें फ्रीज करना और संबंधित खाताधारकों पर कार्रवाई करना है। इसके तहत बैंक खातों की लिंकेज, ट्रांजेक्शन पैटर्न और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का विश्लेषण किया जाता है। आरबीआई के एआई टूल की मदद से संदिग्ध खातों की तेजी से पहचान की जा रही है।