अजमेर की ऐतिहासिक आनासागर झील में मछलियों की मौत और झील की बदहाल स्थिति अब पूरी तरह राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। एक ओर शहर कांग्रेस ने झील की दुर्दशा, दुर्गंध और पर्यावरणीय संकट को लेकर 23 जुलाई को 'अजमेर बंद' का आह्वान किया है, तो दूसरी ओर भाजपा ने भी मोर्चा संभाल लिया है। दोनों दल झील को लेकर आमने-सामने हैं। पूर्व भाजपा शहर अध्यक्ष प्रियशील हाड़ा ने मछलियों की मौत का कारण प्रदूषण नहीं बल्कि "मछलियों की बढ़ती उम्र और उनकी अत्यधिक संख्या" को बताया। उम्र पूरी होने से मर रहीं मछलियां मंगलवार को भाजपा की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब पत्रकारों ने आनासागर में लगातार मर रही मछलियों को लेकर सवाल किया तो पूर्व भाजपा शहर अध्यक्ष प्रियशील हाड़ा ने कहा कि करीब चार साल पहले झील में मत्स्य पालन का ठेका बंद कर दिया गया था। पहले ठेकेदार समय-समय पर बड़ी मछलियों को निकालता रहता था, जिससे उनकी संख्या नियंत्रित रहती थी। ठेका बंद होने के बाद पिछले तीन-चार सालों में मछलियों की संख्या लगातार बढ़ती गई। अब झील में क्षमता से अधिक मछलियां हो गई हैं और बड़ी संख्या में मछलियां अपनी प्राकृतिक आयु पूरी कर रही हैं। इसलिए उनकी मौत हो रही है। बीजेपी तीन दिन चलाएगी अभियान भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी ने प्रेस वार्ता में कांग्रेस के बंद को नकारात्मक राजनीति बताते हुए कहा कि बंद से सबसे ज्यादा नुकसान गरीब और मजदूर वर्ग को होता है। उन्होंने घोषणा की कि भाजपा 22 से 24 जुलाई तक आनासागर झील में तीन दिवसीय विशेष स्वच्छता एवं सफाई अभियान चलाएगी। अभियान की शुरुआत बुधवार सुबह छह बजे पुरानी चौपाटी से होगी, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, विधायक अनिता भदेल, पार्टी पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठन और आमजन भाग लेंगे। भाजपा ने कांग्रेस शहर अध्यक्ष डॉ. जयपाल से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की। झील में जल्द रोका जाएगा गंदा पानी रमेश सोनी ने कहा कि झील में गंदे नालों का पानी रोकने के लिए 20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सीवर लाइन, पंपिंग स्टेशन और एसटीपी व्यवस्था विकसित की जा रही है। वहीं, नीरी (NEERI) की रिपोर्ट के आधार पर करीब 12 करोड़ रुपये की डिसिल्टिंग योजना स्वीकृत हो चुकी है, जिससे झील और उससे जुड़े जलाशयों की सफाई एवं पुनर्जीवन का कार्य किया जाएगा।