अजमेर में एक संदिग्ध बांग्लादेशी महिला को कृष्णगंज थाना क्षेत्र स्थित एक होटल से पुलिस ने डिटेन (हिरासत में लेना) किया है। महिला के पास भारत में रहने के वैध दस्तावेज़ या वीज़ा नहीं मिले। शुरुआती पूछताछ में उसने करीब एक महीने पहले भारत-बांग्लादेश सीमा से अवैध रूप से देश में प्रवेश करने की बात स्वीकार की है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है। इस विशेष अभियान के तहत जिले में अब तक 58 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं। जिला पुलिस और सीआईडी (CID) की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की है। दो-तीन दिन की निगरानी के बाद होटल में दी दबिश पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि जिले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान और निष्कासन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिछले दो-तीन दिनों से विभिन्न इलाकों में सघन सत्यापन और तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान 14 जुलाई को सूचना मिली कि क्रिश्चियनगंज थाना क्षेत्र के एक होटल में संदिग्ध बांग्लादेशी महिला ठहरी हुई है। सूचना पर संयुक्त टीम ने होटल में दबिश देकर महिला को हिरासत में लिया। जयपुर, ब्यावर होते हुए पहुंची थी अजमेर पूछताछ में महिला की पहचान मीम अख्तर (28) निवासी जिला किशोरगंज, बांग्लादेश के रूप में हुई। उसने बताया कि वह जून महीने में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बने कच्चे रास्तों से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। इसके बाद काम की तलाश में पहले जयपुर, फिर ब्यावर गई और 14 जुलाई को अजमेर पहुंचकर होटल में ठहरी थी। स्थानीय मदद मिली या नहीं, जांच जारी पुलिस के अनुसार, महिला के पास भारत में रहने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज़ नहीं मिले। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद उसे डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है। अब पुलिस और सीआईडी इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि सीमा पार करने या अजमेर तक पहुंचने में किसी स्थानीय व्यक्ति ने उसकी मदद की थी या नहीं। शुरुआती पूछताछ में महिला ने अकेले ही भारत आने की बात कही है।