अजमेर शहर में दोनों भाजपा विधायकों वासुदेव देवनानी व अनीता भदेल के बावजूद भाजपा का 36 साल का रिकॉर्ड टूट गया। भाजपा न केवल बहुमत से दूर हुई, बल्कि पिछले चुनाव से तुलना करें तो दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में सीटों का नुकसान उठाना पड़ा है। पिछली बार भाजपा की 48 सीटें थी, लेकिन इस बार केवल 32 सीटों पर सिमट गई। अजमेर उत्तर में पिछली बार 25 सीट थी और इस बार 23 सीट जीती। वहीं अजमेर दक्षिण में पिछली बार 23 सीट थी और इस बार केवल 9 ही सीट पर जीत दर्ज की, जो बड़ा नुकसान साबित हुआ। ऐसे में भाजपा को दोंनों ही विधानसभा क्षेत्र में कुल 16 सीटों का नुकसान हुआ। अजमेर दक्षिण से कांग्रेस ने 25 व अजमेर दक्षिण से 12 सीटों पर जीत दर्ज की। जानकारों का मानना है कि भाजपा को नुकसान के पीछे मुख्य कारण टिकट वितरण में मनमर्जी व कार्यकर्ताओं की उपेक्षा व नाराजगी मानी जा रही है। बता दें कि अजमेर में 1990 के बाद से भी भाजपा का बोर्ड लगातार बन रहा था। 80 में से 25 वार्ड में भाजपा-कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही नगर निगम के 80 वार्ड में भाजपा के 32 व कांग्रेस के 37 पार्षद जीते। इसमें 11 निर्दलियों ने जीत दर्ज की। लेकिन कांग्रेस व भाजपा के प्रत्याशी केवल 11 वार्ड ही नहीं बल्कि कुल 25 वार्ड में दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। इन 14 वार्ड में पार्टी प्रत्याशी जीते, लेकिन टक्कर निर्दलीय से रही। ऐसे में पार्टी प्रत्याशी तीसरे व चौथे स्थान पर रहे। इन 11 वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशी जीते और पार्टी कैंडिडेट्स दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे भाजपा को वोट ज्यादा, लेकिन सीट मिली कम नगर निगम चुनाव में कांग्रेस से 9,763 वोट ज्यादा लेने के बावजूद भाजपा सत्ता की रेस में 5 सीट पीछे रह गई। 80 वार्डों के नतीजों में भाजपा का शहरव्यापी वोट आधार कायम रहा, लेकिन दक्षिण में कांग्रेस की बड़ी बढ़त ने उत्तर में भाजपा के दबदबे का गणित पलट दिया। भाजपा वोटों के लिहाज से सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद भी कांग्रेस ने कम वोटों के बावजूद ज्यादा वार्ड जीतकर चुनावी बढ़त हासिल कर ली। 2015 से 2026 तक भाजपाः वोट बढ़े, लेकिन वोट शेयर लगभग वहीं 2015 में भाजपा को 78,121 वोट यानी 39.67% मिले थे। 2026 में भाजपा के वोट बढ़कर 1,10,987 हो गए। यानी लगभग 32,866 वोट की वृद्धि हुई। लेकिन वोट शेयर 39.67% से घटकर 38.70% हो गया। कांग्रेस 2021 के बाद जोरदार वापसी 2015 में कांग्रेस को 75,392 बोट और 38.28% वोट शेयर मिला था। 2021 में यह गिरकर सिर्फ 73,898 वोट और 28.38% रह गया। लेकिन 2026 में कांग्रेस ने जोरदार वापसी करते हुए 1,01,224 वोट और 35.29% वोट शेयर हासिल किया। यानी 2021 के मुकाबले कांग्रेस वोट शेयर 27,326 वोट शेयर बढ़ा। 2015 के मुकाबले भी वोट 25,832 ज्यादा हैं। निर्दलीय वोटों में बड़ी गिरावटः यहीं बदला पूरा चुनाव 2021 के मुकाबले निर्दलीय वोट 9,922 घटे और वोट शेयर 6.23 प्रतिशत अंक कम हुआ। यही वह वोट बैंक है, जिसके एक हिस्से का वापस भाजपा-कांग्रेस की तरफ जाना 2026 के परिणाम को समझने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि निर्दलीय अभी भी 23.91% वोट के साथ बहुत बड़ा राजनीतिक फैक्टर हैं। 11 निर्दलीयों की जीत इसे और महत्वपूर्ण बना देती है। जानिए…किस वार्ड से जीते 11 निर्दलीय, जो बनेंगे किंगमेकर ……… पढें ये खबर भी… अजमेर में 36 साल बाद BJP को झटका:80 में से 37 वार्ड में कांग्रेस, 32 पर भाजपा; 11 निर्दलीय बनेंगे 'किंगमेकर' अजमेर नगर निगम के चुनाव के नतीजों में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया है। 80 में से 37 वार्ड में कांग्रेस, 32 में भाजपा के प्रत्याशी जीते। जबकि निर्दलीय 11 सीटों पर जीते हैं। दोनों दलों को बहुमतनहीं मिला है। ऐसे में निर्दलीय किंगमेकर बनेंगे। रिजल्ट से भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। बीते 36 साल से यहां भाजपा का बोर्ड रहा है। अजमेर शहर से स्पीकर वासुदेव देवनानी और अनिता भदेल की प्रतिष्ठा दांव पर थी। इसके बावजूद इस बार कांग्रेस से पार्टी पिछड़ गई। पूरी खबर पढें अजमेर- कांग्रेस से रश्मि शर्मा-रश्मि हिंगोरानी मेयर पद की दावेदार:बीजेपी अनामिका और रंजना पर खेल सकती है दांव; अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व है सीट अजमेर नगर निगम का 36 साल से भाजपा का बोर्ड बनाने का रिकॉर्ड इस बार टूट सकता है। नगर निगम चुनाव के रिजल्ट में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला और तय हो गया है कि निर्दलियों के भरोसे मेयर की कुर्सी मिलेगी। (पूरी खबर पढें) अजमेर-मंत्री और विधायक के वार्ड में हारे पार्टी के प्रत्याशी:भाजपा-कांग्रेस जिलाध्यक्षों के वार्डों में जीती सीटें; जानिए-बडे़ नेताओं के वार्ड में कौन हारा-कौन जीता अजमेर नगर निगम चुनाव में बडे़ नेताओं के वार्ड में रोचक परिणाम देखने को मिले हैं। अजमेर उत्तर से विधायक वासुदेव देवनानी के वार्ड में बीजेपी प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। वहीं, अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल अपने ही वार्ड में भाजपा प्रत्याशी को जीता नहीं सकीं। पूरी खबर पढ़िए…
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