अजमेर दरगाह कमेटी के कार्मिकों की गिरफ्तारी को लेकर विरोध सामने आया है। कार्मिकों के वकील का आरोप है कि दरगाह थाना पुलिस ने वारंट रिसीव ही नहीं किए और जानबूझकर कर्मचारियों को प्रताड़ित किया। दरगाह पहुंचकर कार्मिकों ने विरोध जताया और पुलिस की कार्रवाई को गलत बताया। वहीं दरगाह थाना प्रभारी दिनेश जीवनानी ने कहा कि वारंट मिलने पर कार्रवाई नियमानुसार की गई। वकील मोहम्मद रईस खान ने बताया कि दरगाह के चार नंबर गेट पर चप्पल-जूतों के लिए पैसे वसूली करने की शिकायत मिली थी। इस पर दरगाह कमेटी के कार्मिकों ने कार्रवाई की। मामले में 23 मार्च 2026 को जब समन मिला तो पता चला कि दरगाह कमेटी के कार्मिकों को ही दरगाह थाना पुलिस ने शांतिभंग में पाबंद करने की कार्रवाई की। 24 मार्च को सिटी मजिस्ट्रेट के एडीएम दफ्तर में हाजरी दी, जिसके बाद 8 अप्रैल की तारीख मिली। इसके बाद सभी 8 अप्रैल को पेश हुए और मामले में सभी पक्षों के लिए कॉमन तारीख 2 जून दे दी गई। इसके बाद 22 अप्रैल की रात 9 बजे सलीम मोहम्मद और रफी इस्लाम को दरगाह थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछने पर पता चला कि तारीख पेशी पर गैर हाजिर होने के कारण गिरफ्तारी वारंट जारी हुए। जबकि गिरफ्तारी वारंट एडीएम सिटी ऑफिस से दरगाह थाना पुलिस की ओर से रिसिव ही नहीं किए गए। इसके बावजूद पुलिस ने गिरफ्तार कर पेश किया। इसके बाद में जमानत पर रिहा हुए। रिहा होने के बाद कार्मिक दरगाह पहुंचे और वहां इस गिरफ्तारी पर विरोध जताया। उनका कहना रहा कि वे अपनी डयूटी कर रहे थे और उनके खिलाफ पुलिस की कार्रवाई गलत है। फोटो-वीडियो-नजीर कादरी ……… पढें ये खबर भी.. गेगल-रीको में एग्जाम सेंटर के जैमर से कारोबार प्रभावित: व्यापारी बोले- इंडस्ट्रीज एरिया में कमर्शियल एक्टीवीटी, शिकायत पर सुनवाई नहीं अजमेर के गेगल रीको औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एग्जाम सेंटर का जैमर अब उद्योगों के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। जैमर के चलते संचार और मशीनों के संचालन में बाधा आ रही है, जिससे फैक्ट्रियों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। पूरी खबर पढें