अजमेर के अलवर गेट थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर मारपीट और गाली-गलौज करने के आरोप में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता द्रोपदी कोली सहित परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि 23 अक्टूबर की सुबह करीब 10 से 10:30 बजे के बीच मेयो लिंक रोड स्थित उसके निवास पर परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों ने पहुंचकर झगड़ा किया तथा मारपीट की। शिकायत के अनुसार, विवाद के दौरान बुजुर्ग पिता को धक्का देकर नाले के पास गिरा दिया गया, जिससे उनके सिर, हाथ और पैर में चोटें आईं। घर की महिलाओं के साथ भी गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच खसरा नंबर 7122 और 7123 की जमीन को लेकर करीब 20 साल से सिविल न्यायालय में विवाद चल रहा है। शिकायत में संबंधित जमीन पर न्यायालय से स्टे होने का भी उल्लेख किया गया है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि इसी जमीन पर निर्माण को लेकर विवाद हुआ और मारपीट की गई। अलवर गेट थाना पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 115(2), 126(2) और 189(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। प्रकरण की जांच एएसआई गोपाल लाल सैनी को सौंपी गई है। झूठा मुकदमा दर्ज करवाया गया-द्रोपदी कोली इधर, द्रोपदी कोली ने आरोपों को झूठा बताया। उनका कहना है कि मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करवाया गया है और मैं घटनास्थल पर मौजूद नहीं थीं। कोली ने कहा कि उन्होंने पहले भी इस मामले में अलवर गेट थाने में शिकायत दी थी, लेकिन मेरी रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों की ओर से निष्पक्ष जांच किए जाने पर मामले की वास्तविकता सामने आ जाएगी। द्रोपदी कोली अजमेर नगर निगम में कांग्रेस की पूर्व नेता प्रतिपक्ष रह चुकी हैं और अजमेर दक्षिण विधानसभा सीट से कांग्रेस की प्रत्याशी भी रही हैं। उनके भतीजे मोक्ष ने भी वर्ष 2026 के नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।