अजमेर में जीपीओ स्थित पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद गुरुवार को हड़कंप मच गया। तीसरी बार धमकी भरा मेल आने पर एहतियातन जीपीओ और पासपोर्ट कार्यालय को तुरंत खाली कराया गया। मौके पर कोतवाली पुलिस, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते की टीम ने पहुंचकर सघन जांच की, जबकि सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से पड़ताल कर रही हैं। पासपोर्ट और जीपीओ परिसर को बारीकी से खंगाला सबसे पहले पासपोर्ट कार्यालय की जांच की गई, इसके बाद जीपीओ परिसर और अन्य कार्यालयों को भी बारीकी से खंगाला गया। जांच के दौरान कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी है। “10 जहरीले बमों” से उड़ाने की धमकी जीपीओ की डिप्टी पोस्ट मास्टर शीला रावत ने बताया कि विभाग को एक अज्ञात ई-मेल प्राप्त हुआ था, जिसमें जीपीओ और पासपोर्ट कार्यालय को “10 जहरीले बमों” से उड़ाने की धमकी दी गई थी। मेल में कई भ्रामक और आपत्तिजनक जानकारियां भी लिखी गई हैं। यह तीसरी बार है जब इस तरह का धमकी भरा ई-मेल मिला है। कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली कोतवाली थाना प्रभारी अनिल देव भी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बम निरोधक दस्ते के साथ पूरे परिसर की निगरानी की। उन्होंने बताया कि फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी भरा मेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका हाथ है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी अजमेर कलेक्ट्रेट, जिला न्यायालय और दरगाह को इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले को शरारती तत्व की हरकत मानकर जांच कर रही है, हालांकि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहन पड़ताल जारी है।