अजमेर के काजीपुरा गांव में बुधवार सुबह घाटी के पास एक लेपर्ड ने गायों के झुंड पर हमला कर एक बछड़े को शिकार बना लिया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी। सुबह गायों पर झपटा, हॉर्न बजते ही झाड़ियों में भागा काजीपुरा भैरव मंदिर के पुजारी भागसिंह रावत ने बताया कि सुबह वह मंदिर जा रहे थे। रास्ते में मोड़ के पास 5 से 7 गायें खड़ी थीं। तभी अचानक लेपर्ड ने हमला कर एक बछड़े को पटक दिया और मार डाला। बाकी गायें जान बचाकर गांव की ओर भाग गईं। इस दौरान सड़क से गुजर रहे वाहनों के हॉर्न और लोगों की आवाज सुनकर लेपर्ड दीवार फांदकर नाले और झाड़ियों की तरफ भाग गया। भागसिंह रावत ने मंदिर मार्ग के दोनों ओर तारबंदी कराने की मांग करते हुए कहा कि यहां रोज श्रद्धालुओं और राहगीरों की आवाजाही रहती है, इसलिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जरूरी हैं। 6 महीने बाद शुरू होगी लेपर्ड सफारी गंगा भैरव घाटी में बन रही लेपर्ड सफारी का काम तेजी से चल रहा है। यहां मुख्य प्रवेश द्वार, चारदीवारी, करीब 8 किलोमीटर लंबा सफारी ट्रैक, टिकट विंडो और वॉच टावर तैयार किए जा रहे हैं। वन विभाग के अनुसार फिलहाल इस क्षेत्र में करीब 10 लेपर्ड मौजूद हैं। इनके प्राकृतिक शिकार (प्रे बेस) को बढ़ाने के लिए बारिश के बाद हिरण छोड़े जाएंगे। इलाके में पहले से नीलगाय, लोमड़ी, सियार, मोर और कई प्रजातियों के पक्षी भी मौजूद हैं। सफारी में दिखेगा पृथ्वीराज पोल यह प्रोजेक्ट सिर्फ वन्यजीवों तक सीमित नहीं रहेगा। सफारी के दौरान पर्यटक ऐतिहासिक पृथ्वीराज पोल का भी दीदार कर सकेंगे। वन विभाग को उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट अजमेर में पर्यटन को नई पहचान देगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा।