मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) को फिर से शुरू करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मालदीव सदस्य देशों के बीच बातचीत कराने और SAARC को दोबारा सक्रिय करने में हरसंभव मदद करेगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुइज्जू ने कहा कि SAARC ने दक्षिण एशिया के देशों को कई फायदे दिए हैं, लेकिन पिछले करीब नौ साल से यह लगभग ठप पड़ा है। उनका कहना था कि देशों के बीच मतभेद बातचीत से सुलझाए जाने चाहिए और इसी रास्ते से संगठन को फिर से आगे बढ़ाया जा सकता है। मुइज्जू ने कहा कि SAARC का दोबारा सक्रिय होना दक्षिण एशिया में शांति, सुरक्षा और सहयोग के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि मालदीव इस दिशा में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए तैयार है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… फ्रांस में जंगल की आग से 4 हजार और लोग हटाए गए फ्रांस के बोर्डो के पश्चिम में फैली जंगल की भीषण आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है। मंगलवार को अटलांटिक तट के पर्यटन स्थलों से 4 हजार और लोगों को सुरक्षित निकाला गया। आग दोबारा भड़कने के बाद 23 विमान और हेलिकॉप्टर आग बुझाने में लगाए गए हैं। अब तक फ्रांस और स्पेन में करीब 3.3 लाख लोगों को घरों और पर्यटन स्थलों से हटाया जा चुका है। इनमें अकेले फ्रांस के गिरोंद (Gironde) इलाके से 2.2 लाख लोगों को निकाला गया। अधिकारियों के मुताबिक यह युद्धकाल को छोड़कर देश का सबसे बड़ा नागरिक निकासी अभियान हो सकता है। फ्रांस में इस साल अब तक 1,160 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा जंगल जल चुके हैं। मौसम विभाग ने गिरोंद में फिर से गर्मी बढ़ने की चेतावनी दी है, जबकि स्पेन में भी कई बड़े जंगलों में आग अब भी बेकाबू है। जापान में भूकंप से मौत का आंकड़ा 18 हुआ, मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी जापान के प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने बताया कि कुमामोटो में आए 7.1 तीव्रता के भूकंप में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग अब भी लापता हैं और उन्हें निकालने के लिए राहत अभियान जारी है। सेना और राहत दल काशीमा के एयॉन मॉल और दूसरी ढही हुई इमारतों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। यत्सुशिरो की एक पेपर फैक्ट्री में चिमनी गिरने से भी लोग मलबे में फंस गए। भूकंप के बाद कुमामोटो एयरपोर्ट का रनवे बंद है। एक ट्रेन पटरी से उतर गई और ऐतिहासिक कुमामोटो कैसल को भी नुकसान पहुंचा है। मौसम एजेंसी ने अगले 2-3 दिन आफ्टरशॉक आने की चेतावनी दी है और लोगों से सतर्क रहने को कहा है। भारतीय नागरिक अमृतपाल सिंह FBI की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल
भारतीय नागरिक अमृतपाल सिंह को अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल किया गया है। उस पर उत्तरी अमेरिका में सक्रिय इंटरनेशनल ड्रग तस्करी नेटवर्क में शामिल होने का आरोप है। FBI के मुताबिक, अमृतपाल सिंह कनाडा के वैंकूवर में सक्रिय ट्रांसनेशनल क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन रविंदर धांडा ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप से जुड़ा है। एजेंसी का आरोप है कि यह ग्रुप अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में ड्रग तस्करी करने वाले संगठनों के लिए बड़ी मात्रा में कोकीन और मेथामफेटामाइन की तस्करी करता था। FBI ने अमृतपाल सिंह पर इस संगठित अपराध नेटवर्क के तहत कोकीन और मेथामफेटामाइन की तस्करी की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। FBI के अनुसार, अमृतपाल सिंह के खिलाफ लॉस एंजिल्स की एक फेडरल कोर्ट ने 23 जून 2026 को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। एजेंसी ने अभी यह जानकारी नहीं दी है कि अमृतपाल सिंह इस समय कहां है। FBI ने अमृतपाल सिंह को भारतीय नागरिक बताया है। उसका जन्म 7 जनवरी 1996 को हुआ था। उसकी पहचान में मदद के लिए एजेंसी ने 2024 की एक तस्वीर भी जारी की है। जे क्लेटन बने अमेरिका के नए इंटेलिजेंस चीफ: 18 एजेंसियों की कम्युनिटी संभालेंगे
अमेरिकी सीनेट ने मंगलवार (28 जुलाई) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के चुने गए जे क्लेटन को देश का नया टॉप इंटेलिजेंस अधिकारी नियुक्त करने की मंजूरी दे दी। उनके पक्ष में 51-47 वोट पड़े। सीनेट के सभी डेमोक्रेट्स ने उनकी नियुक्ति का विरोध किया। जे क्लेटन अब एक्टिंग डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस बिल पुल्टे की जगह लेंगे। बिल पुल्टे ने इस पद पर 40 दिन काम किया था। क्लेटन 18 एजेंसियों वाली अमेरिकी इंटेलिजेंस कम्युनिटी की जिम्मेदारी संभालेंगे। पिछले महीने तुलसी गबार्ड के इस्तीफे के बाद नेतृत्व में बदलाव और कर्मचारियों की कटौती से इंटेलिजेंस कम्युनिटी में बदलाव का दौर चल रहा है। जे क्लेटन अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के पूर्व चेयरमैन हैं। उन्होंने वॉल स्ट्रीट, सरकारी नियमन और कॉरपोरेट कानून के क्षेत्र में काम किया है। वित्तीय निगरानी के काम के लिए पहचाने जाने वाले क्लेटन अब अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक अहम पद पर पहुंचे हैं। क्लेटन अमेरिका के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क के US अटॉर्नी भी रह चुके हैं।