अजमेर नगर निगम के स्थाई और अस्थाई सफाई कर्मचारियों और ऑटो टिपर ड्राइवर्स की हड़ताल शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के तीसरे दिन भी शहर में कचरा नहीं उठने से बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी के ढेर लग गए। इस बीच सफाई कर्मचारियों ने व्यापारियों को गुलाब का फूल भेंट कर अपने आंदोलन के समर्थन की अपील की। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। दरअसल, शहर में तीन दिन से सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण करीब 600 टन से ज्यादा कचरा सड़कों, बाजारों और मोहल्लों में जमा हो गया है। मानसून के बीच कचरे के ढेर और नालों से निकला मलबा शहरवासियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। वहीं प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच चली वार्ता भी बेनतीजा रही, जिससे हालात सामान्य होने की उम्मीद कम है। सफाई कर्मचारियों ने किया शक्ति प्रदर्शन शुक्रवार को सभी 3680 स्थाई-अस्थाई सफाई कर्मचारी और 205 ऑटो टिपर ड्राइवर गांधी भवन पर एकत्र हुए और शक्ति प्रदर्शन किया। इसके बाद कर्मचारियों ने गांधी भवन से मदार गेट तक रैली निकालकर व्यापारियों और आमजन को गुलाब का फूल भेंट किया। कर्मचारियों ने कहा कि वे जनता को परेशान नहीं करना चाहते, लेकिन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने शहरवासियों से सहयोग और समर्थन की अपील करते हुए असुविधा के लिए माफी भी मांगी। बाजार में कचरा नहीं उठा हालत बिगड़ने लगे हड़ताल का सबसे ज्यादा असर पुराने शहर और प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। लाखन कोटड़ी, डिग्गी बाजार, दरगाह बाजार, रेलवे स्टेशन, मदार गेट और मूंदड़ी मोहल्ला सहित कई इलाकों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं। इन क्षेत्रों में रोजाना बड़ी संख्या में व्यापारी, स्थानीय लोग और जायरीन पहुंचते हैं। लगातार तीसरे दिन कचरा नहीं उठने से दुर्गंध फैलने लगी है और लोगों को आवाजाही में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मानसून के दौरान सफाई व्यवस्था ठप होने से नगर निगम प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। कचरा डिपो क्षमता से अधिक भर चुके हैं, जबकि नालों की सफाई से निकला मलबा भी कई स्थानों पर सड़कों पर पड़ा है। यदि जल्द कचरा नहीं उठाया गया तो संक्रमण फैलने और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष सनी गोयर ने कहा कि उनकी मुख्य मांग बदले गए कर्मचारियों को पुराने वार्डों में वापस लगाने और हटाए गए 223 कर्मचारियों को तत्काल काम पर लेकर उनका भुगतान सुनिश्चित करने की है। मांगे पूरी नहीं होती तब तक जारी रहेगा आंदोलन वहीं संयुक्त सफाई कामगार यूनियन के उपाध्यक्ष गौरी शंकर ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की मांगें उठाने पर यूनियन पदाधिकारियों का ही तबादला कर दिया गया। उनका कहना है कि जब तक सभी मांगें नहीं मानी जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।