अजमेर में प्रोपर्टी के विवाद में मां की हत्या करने वाले बेटे को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही पचास हजार रुपए जुर्माना लगाया है। मामला दो साल पुराना और अजमेर के गंज पुलिस थाना क्षेत्र का है। अपर लोक अभियोजक हरसिंह रावत ने बताया- आरोपी अजयसर निवासी बबलू उर्फ बाबू (32) पुत्र शंकर ने अपनी मां हंजादेवी (55) की हत्या की थी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोष प्रमाणित माना। अभियोजन पक्ष की ओर से 26 गवाह, 55 दस्तावेज व 13 आर्टिकल पेश किए गए। सुनवाई के बाद जज नीरज गुप्ता ने ये फैसला सुनाया। ये था मामला अजयसर निवासी बबलू उर्फ बाबू (32) पुत्र शंकर ने 9 नवम्बर 2024 दोपहर करीब 1 बजे अपनी मां हंजा देवी (55) की हत्या कर दी थी। आरोपी ने मां के सिर पर कुल्हाड़ी से 2 बार वार किए थे। घटना के दौरान मृतका का पति और 2 बेटे मजदूरी करने गए थे। वारदात के वक्त घर पर एक बेटी मौजूद थी। पड़ोसियों ने घर के बाहर वाले कमरे में बैठे आरोपी बेटे को पकड़ लिया था। लोगों की सूचना पर गंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने एफएसएल और एमओबी टीम ने मौके से सबूत जुटाए थे। पुलिस ने बॉडी को जेएलएन अस्पताल की मॉर्च्युरी में भिजवाया था, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था। मृतका के सबसे बड़े बेटे कालू (42) ने गंज थाने में शिकायत दी थी। पुलिस जांच में प्रॉपर्टी विवाद की बात सामने आई। आरोपी के पिता शंकर ने उस समय बताया था अजयसर में ही उनकी डेढ़ बीघा जमीन है। जमीन पत्नी हंजा के नाम पर है, लेकिन आपसी समझौते से जमीन के दो हिस्से कर रखे हैं। एक हिस्सा बेटे याकूब और दूसरा बबलू को दिया हुआ था। बेटे याकूब (30) पर कर्ज होने के कारण उसने जमीन का अपना हिस्सा बेच दिया था। बबलू को शक था कि उसकी भी जमीन का हिस्सा बेच दिया गया है। उसे समझाया था कि उसकी जमीन बेची नहीं है, लेकिन वह नहीं माना। गुस्से में घर पहुंचा और मां की हत्या कर दी।