अजमेर नगर निगम में कार्यरत स्थाई और अस्थाई सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन पर उतर चुके हैं। सोमवार को वाल्मीकि समाज संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों सफाई कर्मचारियों ने डाक बंगले से कलेक्ट्रेट तक आक्रोश रैली निकाली। कर्मचारियों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए 24 घंटे के भीतर मांगों पर निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि तय समय में मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे शहर की सफाई व्यवस्था ठप कर दी जाएगी। इसके तहत सामूहिक अवकाश, झाड़ू डाउन आंदोलन, अधिकारियों का घेराव और पूर्ण हड़ताल जैसे कदम उठाए जाएंगे। तबादलों और वेतन कटौती पर जताया विरोध संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन सफाई कर्मचारियों की समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि स्थाई और अस्थाई सफाई कर्मचारियों को 1 जून 2026 से पहले की तरह उनके मूल वार्डों और मुख्य मार्गों पर ही तैनात किया जाए। इसके साथ ही 2 जुलाई 2026 को उपायुक्त द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश को तत्काल रद्द करने, अस्थाई कर्मचारियों के पेंडिंग भुगतान की व्यवस्था करने और ठेकेदार द्वारा वेतन से काटे गए दो-दो हजार रुपए वापस दिलाने की मांग भी की गई। कर्मचारियों ने पूर्व में जिलाधीश की मौजूदगी में हुए समझौते का हवाला देते हुए बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था समाप्त कर पहले की तरह उपस्थिति दर्ज करने की मांग रखी। वहीं स्वास्थ्य निरीक्षक, जमादार और सफाई कर्मचारियों के स्थानांतरण से पहले ट्रेड यूनियन को विश्वास में लेने की भी मांग की गई। 5000 में घर चलाएं या ₹3000 किराया दें' कर्मचारी नेता सन्नी गोयर ने कहा कि नगर निगम प्रशासन लगातार वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों पर अत्याचार कर रहा है। कर्मचारियों के कार्यस्थल दूर-दराज के क्षेत्रों में बदल दिए गए हैं, जिससे आने-जाने में ही करीब तीन हजार रुपए खर्च हो जाएंगे। उन्होंने कहा, "एक कच्चा कर्मचारी पांच हजार रुपए में अपना घर चलाए, बच्चों का पालन-पोषण करे या आने-जाने का किराया दे? प्रशासन कर्मचारियों की समस्याएं सुनने को तैयार नहीं है।" गोयर ने कहा कि प्रशासन को 24 घंटे का समय दिया गया है। यदि समाधान नहीं हुआ तो होटल, अस्पताल सहित पूरे शहर में सफाई कार्य बंद कर दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। उग्र आंदोलन की चेतावनी संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुकेश हेनवाल, उपाध्यक्ष विजय कुमार धंजा, सन्नी गोयर, सुमित गोडाले और महामंत्री संजय सोनवाल सहित अन्य पदाधिकारियों के सिग्नेचर वाले ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि मांगें पूरी नहीं होने पर सफाई कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर पूर्ण हड़ताल करेंगे। इसके अलावा अधिकारियों का घेराव, गेट मीटिंग और झाड़ू डाउन आंदोलन भी किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।