अजमेर जिले में सहारा इंडिया में निवेशकों के करीब 2700 करोड़ रुपए अटके होने का निवेशकों का दावा है। आक्रोशित निवेशकों और फील्ड वर्कर्स ने मंगलवार को अपनी जमा रकम वापस दिलाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। अजमेर सहारा इंडिया संघर्ष समिति के बैनर तले रैली के रूप में पहुंचे लोगों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट के बाहर धरना देकर नारेबाजी की। इस दौरान राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर अटकी हुई राशि लौटाने की मांग उठाई। समिति के पदाधिकारियों का दावा है कि अकेले अजमेर जिले में करीब 2700 करोड़ रुपए अटके हुए हैं। 45 दिन के वादे के बाद भी नहीं मिला पैसा समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी आरिफ हुसैन ने कहा कि 45 दिन में भुगतान का वादा किया गया था, लेकिन महीनों बाद भी निवेशकों को पैसा नहीं मिला। सीआरसीएस पोर्टल पर तकनीकी खामियों और डेफिसिएंसी के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने पोर्टल की कमियां दूर कर भुगतान प्रक्रिया आसान बनाने और जयपुर रोड स्थित सहारा की जमीन के मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। 25 सितंबर को भी सौंपा गया था ज्ञापन समिति के अनुसार, इससे पहले 25 सितंबर को 20 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली। निवेशकों ने 10 लाख रुपए की भुगतान सीमा हटाकर पूरी राशि एकमुश्त लौटाने, क्यू-शॉप, मृत्यु दावा और मासिक ब्याज योजनाओं का बकाया जारी करने तथा एजेंटों का कमीशन, टीडीएस और फ्यूचर फंड चुकाने की मांग की। ज्ञापन में 1056 करोड़ रुपए से जुड़े कथित अन्य भुगतान पर रोक लगाकर जमाकर्ताओं को प्राथमिकता देने की मांग भी शामिल है। जल्द समाधान नहीं तो करेंगे आंदोलन समिति ने चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो निवेशक अनिश्चितकालीन धरना देंगे और आंदोलन तेज करेंगे।