अजमेर में करीब 11 दिन के लंबे सूखे के बाद देर रात आखिरकार मानसून ने फिर दस्तक दी। सोमवार देर रात हुई बारिश के बाद मंगलवार सुबह से शहर में रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर जारी है। बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के चलते मौसम सुहावना हो गया है तथा पिछले कई दिनों से बनी उमस से लोगों को राहत मिली है। मंगलवार सुबह से हो रही रिमझिम बारिश के बीच जेएलएन अस्पताल की ओपीडी में कैश काउंटर के पास अचानक छत का प्लास्टर गिर गया। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र को बंद करवा दिया और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को जांच के लिए बुलाया। डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. अमित यादव ने बताया कि अस्पताल के सभी संभावित कमजोर स्थानों की पहचान कर मरम्मत कराई जाएगी, ताकि मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मौसम विभाग के मंगलवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में 2.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके साथ ही जुलाई में बारिश का सिलसिला फिर शुरू हो गया है। मंगलवार सुबह न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे सुबह का मौसम सुहावना रहा। सोमवार तक जिले में जुलाई महीने में 122.5 मिमी बारिश दर्ज हुई थी, जो जुलाई की सामान्य औसत 182.5 मिमी का 67% थी। अब सोमवार देर रात हुई 2.7 मिमी बारिश को जोड़ने पर जुलाई की कुल बारिश 125.2 मिमी हो गई है। यानी जुलाई का करीब 68.6% बारिश कोटा पूरा हो चुका है। हालांकि सामान्य औसत तक पहुंचने के लिए अभी भी करीब 57.3 मिमी बारिश की जरूरत है। लगातार 11 दिन तक एक बूंद बारिश नहीं होने से उमस बढ़ गई थी और किसानों के साथ-साथ जल स्रोतों को लेकर भी चिंता गहराने लगी थी। ऐसे में देर रात हुई बारिश ने गर्मी से कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन यह अभी भी बड़ी कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही। जून महीने की 84.4 मिमी बारिश को मिलाकर अब मानसून सीजन में जिले में कुल वर्षा 209.6 मिमी हो चुकी है। यह जिले की सामान्य मौसमी बारिश 550 मिमी का करीब 38.1% है। 22-23 जुलाई को फिर सक्रिय हो सकता है मानसून मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी राजस्थान में मानसून सिस्टम दोबारा सक्रिय होने के संकेत हैं। 22 और 23 जुलाई को अजमेर सहित आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। यदि यह सिस्टम प्रभावी रहा तो जुलाई में बारिश की मौजूदा कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।