अलवर में मानदेय वृद्धि और नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशासन ने नोटिस थमा दिया है। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को अलवर जिला मुख्यालय के चिल्ड्रन पार्क में सरकार और अलवर कलेक्टर की 'सद्बुद्धि' के लिए यज्ञ किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ की जिलाध्यक्ष लतेश शर्मा ने प्रशासन को 2-टूक चेतावनी देते हुए कहा- प्रशासन चाहे हमें नोटिस दे या नौकरी से हटाए, हमारा यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। हम अपनी वाजिब मांगों के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे। क्यों फूटा गुस्सा? पिछले 2 दिन की बड़ी बातें: वन मंत्री के घर का घेराव करेंगी और नेता प्रतिपक्ष को सौंपेंगी ज्ञापन जिलाध्यक्ष लतेश शर्मा ने आगामी रणनीति का खुलासा करते हुए बताया- अब इस लड़ाई को मंत्रियों के दरवाजे तक ले जाया जाएगा। हम जल्द ही वन मंत्री संजय शर्मा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे। जैसे ही वन मंत्री अलवर आएंगे, तमाम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एकजुट होकर उनके घर पहुंचेंगी और अपनी आवाज बुलंद करेंगी। ये लिखा है नोटिस में आंगनबाडी केन्द्र बन्द कर मिनी सचिवालय अलवर के गेट पर धरना प्रदर्शन कर रही हैं। आपके उक्त कृत्य से मिनी सचिवालय में स्थित आने वाले जनमानस को परेशानियों का सामना करना पड रहा है साथ ही पात्र गर्भवती व धात्री माताओं के अतिरिक्त आंनगबाडी केन्द्र पर पंजीकृत लाभार्थियों को किसी भी प्रकार का लाभ नहीं मिल रहा है। वे विभागीय सेवाओं से वंचित हो रहे हैं जो कि एक गम्भीर विषय है। आपके मिनी सचिवालय गेट पर धरने प्रदर्शन के संबंध में श्रीमान जिला कलक्टर महोदया द्वारा गम्भीर नाराजगी व्यक्त की गई है। आपको यह भी सूचित किया जाता है कि आपके द्वारा उपनिदेशक महोदय महिला एवं बाल विकास विभाग अलवर को प्रस्तुत ज्ञापन सक्षम स्तर पर अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रेषित कर दिया गया है।