चीन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर लौटे अलवर के खिलाड़ी शकील का जोरदार स्वागत किया गया। शकील ने अपनी सफलता का श्रेय कोच सबल प्रताप को देते हुए कहा कि उनके सिखाए हुए गुर ही प्रतियोगिता में काम आए। उन्होंने विश्वास जताया कि आगे भी कड़ी मेहनत कर देश और प्रदेश के लिए इससे बड़े पदक जीतने का प्रयास करेंगे। दरअसल, चीन के ओरदोस शहर में आयोजित अंडर-23 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शकील ने भारत का प्रतिनिधित्व किया है। ब्रॉन्ज मेडल (कांस्य पदक) जीतने वाले अलवर के खिलाड़ी का इंदिरा गांधी स्टेडियम में अभिनंदन किया गया। शकील ने 800 मीटर दौड़ को 1 मिनट 48.78 सेकेंड में पूरा कर सफलता हासिल की। शकील ने अपने कोच को दिया सफलता का श्रेय अलवर पहुंचने पर शकील ने कहा कि उसने 2017 में खेल शुरू किया था। सबसे पहले कोच सबल प्रताप सिंह के मागर्दशन में दौड़ना सीखा। उनके सिखाए गुर की बदौलत चीन तक सफर सम्मान से पूरा किया। आगे भी देश के लिए बड़े मेडल लाने का भरसक प्रयास रहेगा। एथलेटिक्स में मेहनत और लगन से आगे बढ़े खिलाड़ी अपने शिष्य का अभिनंदन करते हुए कोच सबल प्रताप ने कहा कि शकील गरीब परिवार से निकला है। एथलेटिक्स में मेहनत और लगन से आने वाले खिलाड़ी सफल हुए हैं। अलवर के खिलाड़ियों जैसा अनुशासन कहीं नहीं है। उससे दूसरे खिलाड़यों का भी मनोबल बढ़ता है। यह बड़ी उपलब्धि है। दूसरे खिलाड़ी भी आगे रहेंगे। यह शकील का लगातार दूसरा एशियाई पदक है, जिससे उन्होंने साबित कर दिया कि उनकी पुरानी कामयाबी कोई इत्तेफाक नहीं थी। इससे पहले भी वे चीन में ही आयोजित अंडर-18 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं। खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को खिलाई मिठाई जिला एथलेटिक्स संघ (अलवर) के सचिव धारा यादव ने बताया कि शकील की ऐतिहासिक उपलब्धि से जिले के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में खुशी है। खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों ने मैदान पर एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया गया। अलवर पहुंचने पर निकलेगा विजय जुलूस सचिव धारा यादव ने बताया- मेडलवीर शकील के अलवर लौटने पर जिला एथलेटिक्स संघ और खेल प्रेमियों द्वारा उनका ऐतिहासिक स्वागत किया जाएगा। शकील के अभिनंदन में डीजे, फूल-मालाओं के साथ शहर में स्वागत जुलूस निकाला गया।