अलवर में बार काउंसिल ऑफ राजस्थान (बीसीआर) के चुनाव के दौरान एक प्रत्याशी ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया। प्रत्याशी रामनिवास सैनी ने आरोप लगाया कि प्रत्याशी कासिम खान और भूपसिंह पोसवाल ने निर्वाचन अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर ली। उन्होंने आरोप लगाया- शाम 4 बजे खुद निर्वाचन अधिकारी अभिमन्यू सिंह, मुनिराम यादव और एसीएम अरविंद कवियां दोनों प्रत्याशियों के साथ बूथ में ही रबड़ी खा रहे थे और वहीं फर्जी वोट डलवा रहे थे। इसके बाद वे चुनाव का बहिष्कार करते हुए मौके से चले गए। इससे पहले अलवर जिले में इस चुनाव के लिए सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान हुए। चुनाव के लिए कुल 1823 मतदाता पंजीकृत थे। जिले में दो मतदान केंद्र बनाए गए थे, जहां सुबह से ही अधिवक्ताओं और प्रत्याशियों के समर्थकों की भीड़ देखी गई। शाम तक 1405 ने मतदान किया है। चुनाव में वोटिंग की देखें PHOTOS… प्रत्याशी का आरोप- 2 बजे बाद बिगड़ी स्थिति अलवर में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी रामनिवास सैनी का आरोप है कि उन्हें न तो पोलिंग पार्टी की कोई स्पष्ट जानकारी दी गई और न ही यह बताया गया कि कौन किस बूथ पर तैनात है। उन्होंने कहा कि शुरू में मतदान प्रक्रिया ठीक चल रही थी, लेकिन दोपहर करीब 2 बजे बाद स्थिति बिगड़ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य प्रत्याशी भूपसिंह पोसवाल और कासिम खान ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी मतदान कराया। सैनी के अनुसार- एक ही मतदाता से कई-कई वोट डलवाए गए। प्रत्याशी रामनिवास सैनी ने बताया- जब मुझे गड़बड़ी की जानकारी मिली तो मैंने इसका विरोध किया, लेकिन शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मैंने सुप्रीम कोर्ट की ऑब्जर्वर कमेटी को शिकायत भेजी और लगभग 4 बजे चुनाव का बहिष्कार कर दिया। अलवर से कुल 4 प्रत्याशी मैदान में राज्यभर में कुल 23 पदों के लिए चुनाव हुए। इनमें 234 प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं अलवर से 4 प्रत्याशी भूपसिंह पोसवाल, रामनिवास सैनी, कासिम खान और पूनम यादव चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं एक प्रत्याशी के चुनाव का बहिष्कार करने के बाद बिना उसके हस्ताक्षर के मतपेटियों को जोधपुर भेजने की प्रक्रिया कैसे पूरी की जाएगी। इस पर सवाल उठ रहा है। यह मामला आगे भी तूल पकड़ सकता है।