अलवर के बाबू शोभाराम राजकीय कला कॉलेज में परीक्षा व्यवस्था और उच्च शिक्षा की साख को तार-तार करने वाला VIDEO सामने आया है। कॉलेज में चल रहे 4th सेमेस्टर के इतिहास विषय के टर्म टेस्ट के दौरान छात्र परीक्षा कक्ष में खुलेआम टेबल पर मोबाइल रखकर नकल करते नजर आया। ताज्जुब की बात ये है कि जिस वक्त यह नकल चल रही थी, उस वक्त क्लास में वीक्षक (इनविजिलेटर) भी मौजूद थे। कमरे में सीसीटीवी कैमरा भी लगा हुआ था। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में कॉलेज प्रबंधन ने विषय के टर्म टेस्ट को रद्द कर दिया है। इस खुली धांधली के विरोध में बुधवार को पूर्व प्राचार्य रमेश बैरवा एक कार पर बड़ा बैनर लगा कॉलेज के गेट के पर पहुंच गए। बैरवा ने कहा कि कला कॉलेज प्राचार्य की अव्यवस्थाओं के कारण कॉलेज में खुलेआम नकल होने लगी है। यहां पढ़ाई होती तो स्टूडेंट्स को नकल नहीं करनी पड़ती। विभाग के उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भेजकर कला कॉलेज के प्राचार्य को हटाने की मांग की है। 'आंधी आए या तूफान... जब तक पेपर हमारे पास है' सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में परीक्षा की शुचिता का मजाक उड़ाते हुए एक छात्र खुद ही मोबाइल से वीडियो बनाता नजर आया है। वह बेखौफ अंदाज में अपनी जाति का उल्लेख करते हुए कहता है- "नहीं दबने वाले, आंधी आए या तूफान, जब तक पेपर हमारे पास है।" छात्र का यह बयान साफ तौर पर दर्शाता है कि उसे न तो कॉलेज प्रशासन का कोई खौफ है और न ही परीक्षा नियमों की कोई परवाह। क्या होता है टर्म टेस्ट? यह टेस्ट मुख्य सेमेस्टर परीक्षा से पहले क्लास स्तर पर किया जाता है। यह टेस्ट कुल 10 अंकों का होता है। सब्जेक्ट टीचर खुद क्लास में पढ़ाए गए सिलेबस के आधार पर पेपर तैयार करता है और वही परीक्षा लेता है। प्राचार्य बोले- कमेटी गठित, परिजनों को बुलाया प्राचार्य डॉ. अशोक आर्य का कहना है कि “यह टर्म टेस्ट का मामला है। जिस छात्र ने मोबाइल ले जाकर वीडियो बनाया है, उसके सीसीटीवी फुटेज निकालकर बारीकी से जांच की जा रही है। छात्र के परिजनों को कॉलेज बुलाया गया है। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।